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    शिवहर में लोन के नाम पर ली ₹4.30 लाख रिश्वत और कर दिया कैंसिल, बैंक मैनेजर गिरफ्तार

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 01:50 PM (GMT+05:30)

    शिवहर में यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक संतोष कुमार को लोन के नाम पर ₹4.30 लाख रिश्वत लेने और फिर लोन रद्द करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह गिर ...और पढ़ें

    बैंक मैनेजर गिरफ्तार

    बैंक मैनेजर गिरफ्तार

    HighLights

    1. यूनियन बैंक शिवहर के शाखा प्रबंधक संतोष कुमार गिरफ्तार।

    2. लोन के नाम पर ₹4.30 लाख रिश्वत लेने का आरोप।

    3. शिकायतकर्ता का लोन रद्द कर सिविल स्कोर खराब किया।

    जागरण संवाददाता, शिवहर। धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी के मामले में फतहपुर थाने की पुलिस ने यूनियन बैंक शिवहर के शाखा प्रबंधक संतोष कुमार को गिरफ्तार किया हैं। संतोष कुमार मूल रूप से झारखंड के रांची के शहर का रहने वाले है। संतोष कुमार के खिलाफ बैंक लोन के नाम पर रिश्वत लेने के बावजूद लोन रद्द करने का आरोप है। 

    शिवहर कोर्ट में कहतरबा निवासी दुकानदार रौशन कुमार द्वारा दर्ज परिवाद के आलोक में कोर्ट के आदेश पर पहली जून 2026 को फतहपुर थाने में मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 

    12 बजे तक बैंक का कामकाज ठप 

    फतहपुर थानाध्यक्ष राधेश्याम कुमार ने बताया कि जांच में धोखाधड़ी व गबन के कई साक्ष्य मिले है। इसके आधार पर बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें कोर्ट में प्रस्तुत किया जा रहा है। इधर, बैंक मैनेजर की गिरफ्तारी के चलते दोपहर 12 बजे तक बैंक का कामकाज ठप रहा। वहीं ग्राहक भटकते रहे। 

    दर्ज प्राथमिकी के अनुसार कहतरबा निवासी रौशन कुमार की कहतरबा पेट्रोल पंप के पास हिमांशु कंप्यूटर नामक दुकान है। वहीं यूनियन बैंक शिवहर शाखा में हिमांशु कंप्यूटर के नाम से सीसी अकाउंट है। 

    लोन लेने का ऑफर दिया

    बैंक आने-जाने के क्रम में शाखा प्रबंधक संतोष कुमार ने पीएमईजीपी के तहत 35 प्रतिशत सब्सिडी मिलने की बात कह लोन लेने का ऑफर दिया। बात आगे बढ़ी। शाखा प्रबंधक ने आठ लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया। इसमें पांच लाख रुपये टर्न लोन व तीन लाख का सीसी लोन शामिल है। 

    इसके बाद शाखा प्रबंधक ने सब्सिडी की राशि बतौर कमीशन 2.80 लाख रुपये जमा करने का निर्देश रौशन कुमार को दिया। इनकार करने पर शाखा प्रबंधक ने लोन नहीं दिए जाने की बात कही। आखिरकार रौशन ने 2.80 लाख रुपये जमा किए। इसके बाद शाखा प्रबंधक ने डेढ़ लाख रुपये जमा करने के बाद दुकान विजिट की बात कही। 

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    किसी दूसरे का कोटेशन लगा कर पेमेंट कर दिया

    अगले दिन दो सितंबर 2025 को विजिट करने पहुंचे मैनेजर को रौशन ने यह राशि भी दे दी। विजिट के बाद मैनेजर ने बैंक आकर खाते में 40 हजार रुपये जमा करने के निर्देश दिए। यह राशि जमा करने के बाद मैनेजर ने कोटेशन की डिमांड की। 

    रौशन कोटेशन लाने गया तब तक मैनेजर ने किसी दूसरे का कोटेशन लगा कर पेमेंट कर दिया और फिर रौशन का पेमेंट कैंसिल कर दिया गया। इससे जहां रौशन को लोन नहीं मिला वहीं सिविल स्कोर खराब हो गया। दबाव बनाने पर उसे धमकी दी जाने लगी। 

    आखिरकार रौशन कुमार ने 02 जनवरी 2026 को सीजेएम शिवहर के कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई करते हुए 23 मई 2026 को सीजेएम ने फतहपुर थानाध्यक्ष को मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके आलोक में पहली जून 2026 को फतहपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।