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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बिहार: दहेज की जिद पर अड़े पिता को बेटे ने सिखाया सबक, अनाथ लड़की को पत्नी बनाकर कायम की मिसाल

    By arbind kumarEdited By: Deepti Mishra
    Updated: Wed, 16 Aug 2023 06:44 PM (IST)

    नवादा के युवक ने बिना दहेज के अनाथ लड़की से शादी कर मिसाल कायम की है। नवादा जिला एक नादरीगंज थाना के तिलक चक गांव निवासी सचिन कुमार ने शेखपुरा जिला ...और पढ़ें

    एक दूसरे को पति-पत्नी स्वीकार्य करते सचिन और सुषमा
    एक दूसरे को पति-पत्नी स्वीकार्य करते सचिन और सुषमा

    HighLights

    1. सचिन के पिता दहेज की जिद पर अड़े थे, इसलिए शादी टूटने की कगार पर थी।
    2. समाजिक कार्यकर्ता दानी चौहान तथा मुखिया प्रिया देवी ने सचिन को बताई परेशानी।
    3. सचिन ने दोनों परिवारों की मौजूदगी शेखपुरा के नोटरी और फिर अरघौती धाम में की शादी।

    जागरण संवाददाता, शेखपुरा:  नवादा के एक युवक ने अपने पिता की दहेज लेने की जिद से परे जाकर शेखपुरा की अपनी मंगेतर शादी कर मिसाल पेश की है। युवक के इस काम के लिए लोग उसकी सराहना करते नहीं थक रहे हैं।

    जानकारी के मुताबिक, नवादा जिला एक नादरीगंज थाना के तिलक चक गांव निवासी सचिन कुमार ने शेखपुरा जिला के कसार थाना के तोड़लबीघा गांव की अनाथ युवती सुषमा के साथ बिना दहेज की विधि-विधान के साथ शादी रचाई।

    इस आदर्श शादी में तोड़लबीघा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता दानी चौहान तथा हजरतपुर पंचयात की मुखिया प्रिया देवी ने महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका निभाई। मुखिया और सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका की भी सराहना कर रहे हैं।

    क्या है कहानी?

    जिला के कसार थाना के हजरतपुर पंचायत के तोड़लबीघा की युवती सुषमा कुमारी के माता और पिता दोनों का निधन काफी पहले ही हो गया। अनाथ सुषमा का पालन-पोषण उनके रिश्ते के चाचा ने किया।

    नौवीं पास सुषमा की शादी इसी साल नवादा जिला के नदारीगंज थाना के तिलकचक गांव के युवक सचिन से तय हुई, लेकिन सुषमा के चाचा बेटी को विदा करने के लिए दहेज नहीं जुटा पाए तो शादी टूटने के कगार पर पहुंच गई।

    इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता दानी चौहान तथा मुखिया प्रिया देवी ने सचिन से बात कर के सुषमा की परेशानी बताई। सुषमा की परेशानी जानकार सचिन ने स्वयं सुषमा से बात की और बिना तिलक दहेज के शादी करने के लिए तैयार हो गया।

    इसके बाद शेखपुरा के नोटरी और फिर अरघौती धाम पर दोनों के स्वजनों की उपस्थिति में ऐतिहासिक दिन स्वतंत्रता दिवस पर मंगलवार को शादी हुई।

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