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    शेखपुरा में सरकारी लाभ का झांसा देकर छात्रों के नाम खोले फर्जी खाते, साइबर ठगी के पैसों का किया लेनदेन

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 09:43 AM (IST)

    बरबीघा में एक निजी लाइब्रेरी संचालक ने छात्रों के आधार व फिंगरप्रिंट का उपयोग कर धोखे से उनके नाम पर बैंक खाते खोले, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए क ...और पढ़ें

    छात्रों के नाम खोले फर्जी खाते

    छात्रों के नाम खोले फर्जी खाते

    संवाद सूत्र, बरबीघा। नगर क्षेत्र के बुल्लाचक मोहल्ले में संचालित एक निजी लाइब्रेरी से जुड़ा संदिग्ध बैंक खाता प्रकरण अब पुलिस जांच के दायरे में आ गया है। बुधवार की शाम एक दर्जन से अधिक विद्यार्थियों एवं अन्य पीड़ितों ने मिशन थाने में पहुंचकर लाइब्रेरी संचालक पर धोखे से उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाने और उन खातों का साइबर ठगी में इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया। 

    पुलिस ने पीड़ितों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपित की पहचान गंजपर निवासी रवि गुप्ता के रूप में हुई है। वह मूलरूप से पटना जिले के सकसोहरा थाना क्षेत्र के किशुनपुर गांव का रहने वाला है। कई वर्षों से अपने ननिहाल में रह रहा था। दो वर्षों से वह बुल्लाचक के समीप खरजामा में ज्ञानवृक्ष लाइब्रेरी का संचालन कर रहा था। 

    लाइब्रेरी बंद कर आरोपी फरार

    घटना सामने आने के बाद से वह लाइब्रेरी बंद कर फरार बताया जा रहा है। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपित ने छात्रवृत्ति, ऑनलाइन आवेदन, आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कराने, आयुष्मान कार्ड बनाने सहित अन्य सरकारी कार्यों का झांसा देकर छात्रों और स्थानीय लोगों से आधार कार्ड, फिंगरप्रिंट व रेटिना स्कैन लिया। 

    इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बिना जानकारी दिए उनके नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खोल दिए गए। इतना ही नहीं, खातों में पीड़ितों के बजाय आरोपित और उसके सहयोगियों के मोबाइल नंबर जोड़ दिए गए, ताकि लेनदेन की जानकारी वास्तविक खाताधारकों तक न पहुंच सके। 

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    लेनदेन के मामले में मध्यप्रदेश में प्राथमिकी 

    छात्रा शिवानी कुमारी ने बताया कि उसके नाम पर फिनो बैंक का खाता खोलकर उसमें लेनदेन किया गया। बाद में जानकारी मिली कि उसके खाते से जुड़े करीब 80 हजार रुपये के लेनदेन के मामले में मध्यप्रदेश में प्राथमिकी दर्ज है। 

    इसी प्रकार स्नेहा कुमारी, सूरज कुमार, सन्नी कुमार, राहुल कुमार, करण कुमार, आदित्य कुमार, जयप्रकाश साव और मेघा कुमारी समेत कई अन्य छात्रों ने आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर उनके पूरे परिवार के नाम से खाते खोल दिए गए।

    कुछ खातों से लाखों रुपये के लेनदेन 

    छात्रों ने बताया कि लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में फिनो बैंक के डेबिट कार्ड रखे होने पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर जांच की, जिसमें फर्जी खातों और संदिग्ध लेनदेन का पर्दाफाश हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कई खातों में पांच से दस हजार रुपये तक की राशि जमा होने तथा सभी खातों के डेबिट कार्ड जारी होने की पुष्टि हुई है। कुछ खातों से लाखों रुपये के लेनदेन की भी बात सामने आ रही है। 

    पीड़ितों का कहना है कि इस घटना से उनका भविष्य संकट में पड़ गया है। कई खातों के संबंध में मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में साइबर अपराध के मामले दर्ज होने की जानकारी मिलने से छात्र-छात्राएं भयभीत हैं। जैसे-जैसे लोगों को घटना की जानकारी मिल रही है, वे भी मिशन थाना पहुंचकर आवेदन दे रहे हैं। 

    बंद पड़े सीएसपी को चालू कर पूरे खेल को अंजाम दिया

    जानकारी के अनुसार, आरोपित अपने मामा के बंद पड़े ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) का उपयोग कर खाते खोल रहा था। मामा दिलीप कुमार ने भी आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना बंद पड़े सीएसपी को चालू कर इस पूरे खेल को अंजाम दिया गया। 

    मिशन थाना प्रभारी आदित्य रंजन ने बताया कि छात्र-छात्राओं के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी कर ली गई है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फरार आरोपित की तलाश में पुलिस कार्रवाई कर रही है।