5 साल में ही उतर गया नीरा का स्वाद! शेखपुरा में बिक्री घटने से संकट में रोजगार; 15 काउंटरों का बुरा हाल
शेखपुरा में पिछले 5 वर्षों से प्रचारित नीरा की बिक्री घट गई है, क्योंकि लोगों को इसमें नशे की कमी महसूस होती है। इससे नीरा काउंटरों पर रोजगार संकट में ...और पढ़ें

शेखपुरा में बिक्री घटने से संकट में रोजगार
HighLights
शेखपुरा में नीरा की बिक्री में भारी कमी आई।
लोगों को नीरा में नशे की कमी महसूस हो रही है।
विक्रेता अब अन्य उत्पाद बेचकर गुजारा कर रहे हैं।
जागरण संवाददाता, शेखपुरा। पिछले 5 वर्ष से प्रचारित-प्रसारित हो रही नीरा का स्वाद अब लोगों के जेहन से उतर रहा है। नीरा के प्रति लोगों की रुचि उतरने के पीछे इसमें नशा नहीं होना बताया जा रहा है।
शेखपुरा प्रखंड कार्यालय परिसर में पिछले कई वर्षों से नीरा का काउंटर चला रहे युवक ने बताया पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष नीरा की बिक्री में कमी आई है।
नीरा से नहीं आता नशा
युवक ने बताया नीरा पीने के लिए जब लोगों को प्रेरित करते हैं तो जवाब मिलता है इसमें तो कुछ नशा आता ही नहीं है। नीरा की कम होती बिक्री के कारण काउंटर को बनाए रखने एवं दिनभर के रोजगार के लिए कोल्डड्रिंक,सत्तू,बिस्कुट और चाय बेचनी पड़ रही है।
इतने तरह के मेल से दिन भर की मजदूरी मिल जाती है। यही हाल जिला के अन्य नीरा काउंटरों की भी है।
5 स्थायी और 10 अस्थाई काउंटर संचालित
इधर जीविका से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार अभी जिला में नीरा के 5 स्थायी और 10 अस्थाई काउंटर संचालित हैं। इन काउंटरों पर चालू वर्ष में अभी तक 165899 लीटर नीरा की बिक्री हुई है। नीरा बिक्री का 5 स्थायी काउंटर शेखोपुरसराय को छोड़कर बाकी के सभी प्रखंडों में संचालित है।
नीरा उत्पादन के लिए जिला में 177 ताड़ छेवकों को जीविका द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है। जीविका ही इन्हें लाइसेंस दिलाने में मदद करता है। जीविका के मीडिया प्रभारी रवि कुमार ने बताया नीरा से जुड़े कई अन्य उत्पाद का भी निर्माण और उसकी बिक्री होती है। जिला में नीरा के उत्पादन,बिक्री का विस्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।