Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    IIT मंडी से पढ़ाई, असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी छोड़ी; अब BPSC में 63वीं रैंक हासिल कर SDM बने श‍िवेंदु

    Updated: Tue, 23 Jun 2026 10:18 AM (IST)

    शेखपुरा के शिवेंदु प्रसाद ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 63वीं रैंक हासिल कर SDM पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। आईआईटी मंडी से पढ़ाई और असि ...और पढ़ें

    माता-प‍िता के साथ श‍िवेंदु। सौ-स्‍वजन

    माता-प‍िता के साथ श‍िवेंदु। सौ-स्‍वजन

    HighLights

    1. शिवेंदु प्रसाद ने 70वीं बीपीएससी में 63वीं रैंक हासिल की।

    2. पहले ही प्रयास में अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) पद पर चयन।

    3. आईआईटी मंडी से पढ़ाई, असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी छोड़ी।

    जागरण संवाददाता, शेखपुरा। जिले के बरबीघा प्रखंड अंतर्गत नारायणपुर गांव के निवासी शिवेंदु प्रसाद ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

    उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 63वीं रैंक प्राप्त की है और उनका चयन अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) पद के लिए हुआ है।

    KV से की 10वीं और 12वीं की पढ़ाई 

    शिवेंदु के पिता शिवदानी प्रसाद रेलवे में शिक्षक थे और पश्चिम बंगाल में कार्यरत थे। जबकि उनकी माता गृहिणी हैं।
    उन्होंने वर्ष 2013 में केंद्रीय विद्यालय खड़गपुर से दसवीं तथा वर्ष 2015 में 89.6 प्रतिशत अंकों के साथ बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की।

    इसके बाद भुवनेश्वर स्थित एनसीईआरटी के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान से बीएससी-बीएड तथा आईआईटी मंडी से गणित में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।

    इंजीनियरिंग कॉलेज में अस‍िस्‍टेंट प्रोफेसर की नौकरी छोड़ी 

    वर्ष 2021 से 2023 तक वे भुवनेश्वर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में सहायक प्राध्यापक भी रहे। बाद में नौकरी छोड़ दी।
    वर्तमान में दिल्ली में रहकर स्वाध्याय के माध्यम से तैयारी कर रहे थे। 

    शिवेंदु का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार पुस्तकों का गहन अध्ययन है। उन्होंने कहा कि सभी विषयों की बुनियादी तैयारी मानक पुस्तकों से करनी चाहिए।

    इसके साथ ही नियमित रूप से अखबार पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए। मोबाइल के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताते हुए शिवेंदु ने युवाओं को सलाह दी कि मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों तक सीमित रखें।

    उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान उनके पास केवल एक कीपैड मोबाइल है और ऑनलाइन अध्ययन के लिए वे पुस्तकालय में टैब का उपयोग करते थे।

    यह भी पढ़ें- बक्‍सर के मजदूर की बेटी बनी स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर; BPSC में हासिल की 150वीं रैंक