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    प्रिंसिपल को आया गुस्सा, छात्रों की कर दी जमकर पिटाई; कोई हुआ बेहोश तो किसी के नाक से निकलने लगा खून

    Updated: Fri, 12 Dec 2025 03:08 PM (IST)

    शेखपुरा के एक जनता उच्च विद्यालय में पिटाई से कई विद्यार्थी घायल हो गए, जिसके बाद अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक के साथ धक्का-मुक्की की। जिला शिक्षा पदाधि ...और पढ़ें

    अस्पताल में घायल विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक। (सौ.-ग्रामीण)

    अस्पताल में घायल विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक। (सौ.-ग्रामीण)

    HighLights

    1. शेखपुरा के स्कूल में छात्रों की पिटाई से हंगामा

    2. प्रधानाध्यापक पर पिटाई का आरोप, धक्का-मुक्की

    3. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जांच के आदेश दिए

    जागरण संवाददाता, शेखपुरा। सदर प्रखंड के जनता उच्च विद्यालय में शुक्रवार को पिटाई से कई विद्यार्थी घायल हो गए। इस घटना को लेकर कई अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार रजक के साथ धक्का-मुक्की भी की।

    विद्यार्थियों की पिटाई का आरोप प्रधानाध्यापक सुरेंद्र रजक पर ही है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ. तनवीर आलम में बताया हमें भी इस घटना की सूचना मिली है, जिसकी जांच के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है।

    उन्होंने बताया सिरारी उच्च विद्यालय में किसी शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों की पिटाई करने की सूचना ग्रामीणों से मिली थी। इधर ग्रामीण तथा जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रंजीत कुमार उर्फ बुद्धन भाई ने बताया विद्यालय में किसी बात को लेकर कुछ विद्यार्थियों की शिक्षक ने पिटाई की है।

    पिटाई इतनी बेरहमी से की कि घायल विद्यार्थियों को स्थानीय निजी क्लीनिक में इलाज कराना पड़ा। जिन विद्यार्थियों की पिटाई की गई है, वे सभी उच्च कक्षा के हैं तथा पिटाई से कई के नाक से खून भी बहने लगे। घायलों में पायल, मुस्कना, अन्नू सहित कई छात्रा के नाम शामिल हैं।

    इस मामले में गांव के कोई अभिभावक या विद्यार्थी कुछ बोलने कर लिए तैयार नहीं दिखे। इस संबंध में जब प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार रजक से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया न तो मेरे साथ किसी ने धक्का-मुक्की है और न ही हमने किसी विद्यार्थी की पिटाई की है। विद्यार्थियों को बैग, पोशाक, जूता पहनकर आने के लिए कहा गया है।

    खबरें और भी

    हमें भी प्रतिदिन चेतना सत्र का फोटो विभाग को भेजना होता है, मगर कई विद्यार्थी बिना ड्रेस के चले आते हैं। इसी को लेकर कड़ाई किए जाने पर कुछ लोग इस तरह का विवाद खड़ा करते हैं।