PM Surya Ghar Yojana : बिहार में सोलर से चमकी किस्मत, सूर्य घर योजना से बिजली बिल शून्य और कमाई शुरू
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से बरबीघा, शेखपुरा में लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। घरेलू बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी ...और पढ़ें

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना
HighLights
बिजली बिल शून्य हुआ, अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई।
सरकारी अनुदान और ऋण से सोलर प्लांट लगाना आसान।
मासिक खर्च में कमी, दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा मिली।
रितेश सेठ,बरबीघा(शेखपुरा)। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। बरबीघा क्षेत्र में सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिल रहा है।
घरेलू बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। सरकारी अनुदान के साथ सोलर सिस्टम लगाना आसान हुआ है। लोगों का मासिक खर्च काफी कम हो गया है। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।
बिजली बचत के साथ शुरू हुई अतिरिक्त कमाई
सोलर प्लांट से जरूरत से ज्यादा बिजली बनने पर उसे ग्रिड में भेजा जा रहा है। इस अतिरिक्त बिजली के बदले उपभोक्ताओं के खाते में यूनिट जमा हो रही है।
वर्तमान दर के हिसाब से करीब 5 रुपये प्रति यूनिट का लाभ मिल रहा है। इससे बिजली सिर्फ खर्च नहीं बल्कि कमाई का जरिया बन गई है। लोग अब इसे निवेश के रूप में देख रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र में यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
उपभोक्ताओं के अनुभव से बढ़ा भरोसा
लाभुक प्रीति देवी ने बताया कि उनके 7 किलोवाट सौर संयंत्र से 10 महीनों में 1900 यूनिट जमा हुए। ज्ञानेंद्र कुमार ज्ञानी के खाते में एक साल बाद भी 1800 यूनिट शेष हैं।
आलोक कुमार के खाते में 7 महीनों में 753 यूनिट बचत है। रौनक कुमार के खाते में 11 महीनों बाद भी 362 यूनिट शेष हैं। इन उदाहरणों से योजना की सफलता साफ दिख रही है। लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है।
एक बार निवेश, लंबे समय तक फायदा
उपभोक्ताओं का कहना है कि सोलर प्लांट में एक बार निवेश करना पड़ता है। इसके बाद वर्षों तक बिजली पर खर्च लगभग खत्म हो जाता है।
यह दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा देता है। परिवार का मासिक बजट संतुलित रहता है। ऊर्जा पर निर्भरता भी कम होती है। यह मॉडल भविष्य के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।
महंगी बिजली दरों से भी मिल रही राहत
बिहार में लागू टाइम ऑफ डे व्यवस्था का असर इन उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ता। शाम के समय महंगी बिजली दरों से भी बचाव हो रहा है।
सोलर ऊर्जा से दिनभर की जरूरत पूरी हो जाती है। इससे अतिरिक्त खर्च से राहत मिलती है। ऊर्जा उपयोग अधिक संतुलित हो गया है। लोग इसे बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
तकनीकी सहयोग और ऋण से बढ़ रही भागीदारी
योजना के तहत स्थानीय कंपनियां भी तकनीकी सहायता दे रही हैं। बायोकैप इंडिया उपभोक्ताओं को इंस्टॉलेशन और सलाह दे रही है।
कंपनी के संचालक गौरव कुमार को इस कार्य के लिए सम्मानित किया गया। सरकार कम ब्याज पर ऋण सुविधा भी दे रही है।
इससे अधिक लोग योजना से जुड़ रहे हैं। स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में यह बड़ा कदम बन रहा है।