बिहार के सभी गरीबों तक पहुंचेगा राशन, आधार आधारित जांच में 4799 कार्ड हटाए गए
Aadhaar Verification : प्रशासन ने 4799 अपात्र राशनकार्डधारकों को सूची से हटा दिया है। आधार डेटा सत्यापन से पता चला कि ये लोग सरकारी मानकों के अनुसार प ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
रुन्नीसैदपुर में 4799 अपात्र राशन कार्ड हटाए गए।
आधार डेटा सत्यापन से अपात्रता की पुष्टि हुई।
जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने में मदद मिलेगी।
संवाद सहयोगी, रुन्नीसैदपुर (सीतामढ़ी)। Ration Card Removal : रुन्नीसैदपुर प्रखंड में प्रशासन ने सरकारी अनाज का लाभ ले रहे अपात्र लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रखंड के कुल 4799 राशनकार्डधारकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, क्योंकि वे सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र नहीं थे।
आधार डेटा से सत्यापन
यह पूरी कार्रवाई आधार कार्ड के डेटा से मिलान करके की गई। आधार से जुड़ी जानकारियों के सत्यापन में यह स्पष्ट हुआ कि हटाए गए कार्डधारक राशन योजना की पात्रता श्रेणी में नहीं आते थे।
संपन्न परिवार लाभ उठा रहे थे राशन
जांच में सामने आया कि आर्थिक रूप से संपन्न लोग योजना का लाभ ले रहे थे। इनमें वे परिवार शामिल थे जिनकी सालाना आमदनी 1.2 लाख रुपये से अधिक थी, शहरी भूमि और ढाई एकड़ से अधिक कृषि भूमि के मालिक थे, चार पहिया वाहन रखते थे और तीन या उससे अधिक कमरे वाला पक्का आवासीय मकान था। ऐसे लोग सरकारी अनाज का लाभ लेने के पात्र नहीं थे।
अधिकारी की टिप्पणी
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि आधार आधारित जांच में 4799 राशनकार्डधारक अयोग्य पाए गए। उन्होंने कहा कि राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जरूरतमंदों को मिलेगा अवसर
अपात्र लोगों के नाम हटने से अब उन परिवारों को मौका मिलेगा जो प्रतीक्षा सूची में थे। इससे सरकारी अनाज का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सकेगा।
पारदर्शिता और सुधार का संकेत
यह कदम स्थानीय प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को दिखाता है। अधिकारियों का कहना है कि राशन वितरण में इस तरह की नियमित जांच से भ्रष्टाचार और अपात्र लाभ लेने वाले लोगों पर काबू पाया जा सकेगा।
भविष्य की योजनाएं
प्रखंड प्रशासन ने संकेत दिया है कि आगे भी आधार आधारित सत्यापन अभियान जारी रहेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल योग्य और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।