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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Land Survey: सीतामढ़ी में 5 राजस्व गांवों का भू-सर्वेक्षण पूरा, नगर निगम में शुरू होने का इंतजार

    By Jagran NewsEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Mon, 12 May 2025 06:35 PM (IST)

    सीतामढ़ी जिले में भूमि सर्वेक्षण का कार्य जारी है पर कर्मचारियों की कमी से गति धीमी है। अब तक 845 में से केवल 5 राजस्व गांवों में सर्वेक्षण पूरा हुआ ह ...और पढ़ें

    सीतामढ़ी में 5 राजस्व गांवों का भू-सर्वेक्षण पूरा, नगर निगम में शुरू होने का इंतजार
    सीतामढ़ी में 5 राजस्व गांवों का भू-सर्वेक्षण पूरा, नगर निगम में शुरू होने का इंतजार

    HighLights

    1. 5 राजस्व गांवों में भू-सर्वेक्षण पूरा
    2. नगर निगम क्षेत्र में सर्वेक्षण का इंतजार
    3. 17 प्रखंडों में चल रहे शिविर कार्यालय

    जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। जिले में भूमि सर्वेक्षण (Bihar Bhumi Survey) का काम भले ही लगातार जारी है, लेकिन कर्मियों की कमी के कारण यह कार्य धीमा चल रहा है। स्थिति यह है कि जिले के कुल 845 राजस्व ग्राम में से 39 राजस्व ग्राम नगर निकाय ने अधिग्रहण कर लिया है।

    लिहाजा, कुल 806 राजस्व ग्राम में भूमि सर्वेक्षण का कार्य जारी है, जबकि नगर निगम क्षेत्र में जमीन सर्वेक्षण कार्य शुरू करने को लेकर अब तक विभाग की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। नगर निगम के लोगों को भूमि सर्वेक्षण का अब भी इंतजार है।

    बताया गया है अब तक जिले के मात्र पांच राजस्व ग्राम का भूमि सर्वेक्षण कार्य फाइनल किया गया है। इसमें रीगा प्रखंड के पोसुआ पटनिया थाना नंबर 238 एवं 239, बथनाहा प्रखंड के एराजी महादेवा व अजरकवे महादेवा तथा सोनबरसा प्रखंड के एराजी सरबरपुर शामिल है।

    इसके अलावा, चार राजस्व ग्राम के भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया के तहत रेंट फिक्सेसन को लेकर पुपरी व सदर डीसीएलआर के यहां मामला लंबित है। इसमें रीगा प्रखंड के बोखठा व मठवा, बथनाहा प्रखंड के शिवनगर तथा पुपरी प्रखंड के चकसौरा राजस्व ग्राम शामिल है। बंदोबस्त पदाधिकारी के अनुसार, रेंट फिक्सेसन (लगान) 18 (क) की प्रक्रिया पूर्ण होने के साथ फाइनल पब्लिकेशन किया जाएगा।

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    जिले में संचालित है 17 शिविर कार्यालय:

    जमीन सर्वेक्षण कार्य को लेकर जिले के सभी 17 प्रखंड में एक एक शिविर कार्यालय संचालित किया जा रहा है। द्वितीय चरण में जिले के 13 अंचल के 553 राजस्व ग्राम के रैयतों से वंशावली व स्वघोषणा पत्र की मांग की जा रही है।

    बंदोबस्त पदाधिकारी के अनुसार, रैयत अपनी सुविधा के अनुसार ऑफलाइन व ऑनलाइन वंशावली व स्वघोषणा पत्र जमा करा सकते है। इसके साथ ही खतियान की विवरणी भी देनी है। बताया गया है कि डुमरा अंचल का शिविर कार्यालय खैरवा में संचालित किया जा रहा है।

    इसी प्रकार मेजगंज के पुस्तकालय भवन में, बोखड़ा के अभिलेखागार भवन में, बैरगिनया में ब्लॉक परिसर किसान भवन में, सुप्पी का शिविर कार्यालय पंचायत सरकार भवन अदलपुर पिपरा में, रुन्नीसैदपुर का प्रखंड परिसर में, चोरौत का पंचायत सरकार भवन बर्री बेहटा में, सुरसंड प्रखंड परिसर, बेलसंड का प्रखंड कार्यालय परिसर में, नानपुर का प्रशिक्षण भवन में, परसौनी का पं सरकार भवन में, परिहार का परसंडी में, बाजपट्टी का प्रखंड कार्यालय परिसर में, बथनाहा का अंचल कार्यालय किसान भवन में, सोनबरसा का स्वीप कोषांग में तथा रीगा का किसान भवन में संचालित है।

    स्व-घोषणा के साथ वंशावली अनिवार्य:

    बंदोबस्त पदाधिकारी के अनुसार भूमि सर्वेक्षण को लेकर दाखिल खारिज का होना अनिवार्य नहीं है। लेकिन, वंशावली के साथ स्वघोषणा पत्र जमा कराना अथवा आनलाइन अपलोड कराना अनिवार्य है।

    जमीन के दस्तावेज के साथ खुद घोषणा करनी है। बताया कि जमीन के मालिकाना हक से संबंधित जो कागजात है, उसको जमा कर पपत्र-2 में स्व-घोषणा करनी है। प्रपत्र- 3 में वंशावली का स्व-घोषणा करनी है।

    पांच राजस्व ग्राम में सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है। चार गांव के लगान निर्धारण का कार्य अंतिम चरण में है। सभी अंचल में शिविर संचालित है। भूमि सर्वेक्षण का कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया जा रहा है। नगर निगम में सर्वे का कार्य शुरू करने के लिए फिलहाल कोई निर्देश नहीं दिया गया है। - मो. ज्याउल्लाह, बंदोबस्त पदाधिकारी, सीतामढ़ी

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