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    देश को दहलाने की साजिश का भंडाफोड़, पाकिस्तानी आका के संपर्क में थे बिहार से गिरफ्तार दोनों युवक

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 08:07 PM (IST)

    सीतामढ़ी पुलिस ने दो युवकों को पाकिस्तानी गैंगस्टरों से संपर्क और देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया है। ये युवक दिल्ली सहि ...और पढ़ें

    मो. अखलाक और मो. अरमान।

    मो. अखलाक और मो. अरमान। 

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    संवाद सहयोगी, रुन्नीसैदपुर(सीतामढ़ी)। Pakistani Gangster Connection: बिहार के सीतामढ़ी जिले से देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाली एक बेहद संवेदनशील खबर सामने आई है।जिला पुलिस ने गाढ़ा (रुन्नीसैदपुर) थाना क्षेत्र के टकौर गांव में आधी रात को बड़ी कार्रवाई करते हुए देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त दो युवकों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस की शुरुआती तकनीकी जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये दोनों युवक सीमा पार बैठे पाकिस्तानी गैंगस्टरों और आतंकवादियों के सीधे संपर्क में थे और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के कई संवेदनशील ठिकानों को बड़े बम धमाकों से दहलाने की खतरनाक साजिश को अंतिम रूप दे रहे थे।

    मोबाइल पर बात करते दबोचे गए आरोपी

    पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टकौर गांव के कुछ युवक पाकिस्तानी सरगनाओं के निरंतर संपर्क में हैं और देश विरोधी साजिश रच रहे हैं।

    सूचना मिलते ही गाढ़ा थानाध्यक्ष सोनी कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हुई। मंगलवार की रात करीब दो बजे पुलिस ने टकौर गांव में सड़क किनारे संदिग्ध अवस्था में मोबाइल पर बात कर रहे दो युवकों को घेराबंदी कर दबोच लिया।

    पकड़े गए आरोपियों की पहचान टकौर गांव निवासी मो. अख्तर के पुत्र मो. अखलाख और मो. अल्लाउद्दीन के पुत्र मो. अरमान के रूप में की गई है।

    मोबाइल खंगालने पर दंग रह गए जांचकर्ता

    पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन एंड्रॉइड स्मार्टफोन जब्त किए हैं। जब इन फोन्स की गहन तकनीकी जांच की गई, तो जांचकर्ता दंग रह गए। मोबाइल से देश विरोधी वीडियो, फोटो, वॉयस नोट्स और खतरनाक हथियारों की तस्वीरें बरामद हुई हैं।

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    सक्रिय थे पाकिस्तानी ग्रुप्स: आरोपियों के व्हाट्सएप पर 'राणा भाई ग्रुप-333', 'वीआईपी' और 'मेमन व जट्ट-333' जैसे संदिग्ध ग्रुप्स सक्रिय मिले। इन चैनलों के माध्यम से पाकिस्तानी और अन्य विदेशी मोबाइल नंबरों से सीधे बातचीत की जा रही थी।

    संवेदनशील लोकेशन सीमा पार भेजने का काम: आरोपी देश के महत्वपूर्ण व संवेदनशील ठिकानों की रेकी कर रहे थे और उनके गोपनीय डिजिटल डेटा व लोकेशंस को सीमा पार भेज रहे थे।

    'सहजाद भठ्ठी' नेटवर्क से जुड़े हैं तार

    पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इंटरनेट मीडिया के जरिए पाकिस्तानी नेटवर्क के संपर्क में थे। वे पाकिस्तानी गैंगस्टर सरगना सहजाद भठ्ठी के खतरनाक आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े राणा हुसनैन के इशारे पर काम कर रहे थे।

    राणा हुसनैन के निर्देश पर ही वे देश में किसी बड़े धमाके को अंजाम देने के लिए दिल्ली जाने की तैयारी में थे, जिससे पहले ही वे पकड़े गए।

    अन्य संदिग्ध नंबरों की भूमिका की जांच

    इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के सामने आने के बाद पुलिस अलर्ट पर है। आरोपियों के मोबाइल से मो. अब्दुल, अहद, दानिश खान तथा 'कैफ भाई 123' नाम से सेव कई अन्य संदिग्ध नंबर मिले हैं, जिनकी भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है।

    गाढ़ा थाना पुलिस ने दोनों युवकों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और उन्हें जेल भेजने के साथ-साथ आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए खुफिया एजेंसियों की मदद ले रही है।

    प्रारंभिक जांच में बरामद मोबाइल फोन से संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप, विदेशी मोबाइल नंबरों से संपर्क तथा पाकिस्तान स्थित संदिग्ध नेटवर्क से संबंधित डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य के आधार पर प्रथमदृष्टया उनके विरुद्ध देशविरोधी गतिविधियों की साजिश रचने से संबंधित साक्ष्य मिले हैं। बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराई जा रही है तथा मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।

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    अमित रंजन, पुलिस अधीक्षक, सीतामढ़ी