भारत-नेपाल बॉर्डर पर फर्जी आधार कार्ड व आवासीय का खेल, 5000 में बन रहे दस्तावेज
Nepal Border Fake Aadhaar Card: भारत-नेपाल सीमा से सटे सीतामढ़ी जिले में फर्जी आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बनाने का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। यह ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई की मदद से तैयार की गई है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
सुमित कुमार, सीतामढ़ी। Nepal Border Forged Documents: जिले में भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में फर्जी आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बनाने का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
धंधेबाज पांच से 12 हजार रुपये लेकर नेपाली नागरिकों समेत अन्य लोगों के लिए भी आधार कार्ड, आवासीय और जन्म प्रमाणपत्र तैयार करने का दावा कर रहे हैं।
प्रशासन की चिंता बढ़ी
सीमावर्ती प्रखंडों में खुलेआम चल रहे इस खेल ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। खासकर आगामी एमएलसी और पंचायत चुनाव को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की कोशिश हो सकती है।
यह इंफोग्राफ एआई टूल नोटबुक एलएम की मदद से तैयार किया गया है।
कई प्रखंडों में फैला नेटवर्क
जानकारी के अनुसार परिहार, बेला, सुरसंड, चोरौत, बोखरा, सोनबरसा, मेजरगंज, गाढ़ा और बैरगनिया इलाके में यह धंधा तेजी से फैल चुका है। धंधेबाज दावा करते हैं कि चाहे व्यक्ति नेपाल का हो या किसी अन्य देश का, उसे “पूरी तरह ओरिजनल” आधार कार्ड बनाकर दिया जाएगा।
वैध होने का दे रहे भरोसा
एक नेपाली नागरिक बनकर जब सीमावर्ती इलाके के एक एजेंट से संपर्क किया गया तो उसने आधार सहित हर प्रकार के सरकारी प्रमाणपत्र बनवाने की बात कही। उसने यह भी भरोसा दिलाया कि दस्तावेज पूरी तरह वैध होंगे।
एक सप्ताह से तीन माह का समय
फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का कहना है कि आधार कार्ड बनने में एक सप्ताह से लेकर तीन माह तक का समय लग सकता है। अगर किसी कारण से कार्ड रद हो जाए तो दोबारा बनवाने की भी गारंटी दी जाती है।
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इस पूरे नेटवर्क में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, आवासीय प्रमाणपत्र और नकली पारिवारिक पहचान का इस्तेमाल किया जाता है। कई मामलों में डमी स्वजन खड़ा कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराई जाती है।
इन इलाकों में ज्यादा सक्रियता
सुरसंड के कोरियाही, कुम्मा और सुरसंड बाजार, परिहार बाजार, बेला के लक्ष्मीपुर बाजार, चोरौत क्षेत्र, बोखरा के झिटकी चौक, सोनबरसा के हनुमान चौक, बैरगनिया स्टेशन बाजार और गाढ़ा चौक को इस अवैध नेटवर्क का प्रमुख केंद्र माना जा रहा है।
इस महीने तीन बड़ी कार्रवाई
छह मई को बोखरा थाना क्षेत्र के एक ग्राहक सेवा केंद्र पर छापेमारी में पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र बनाने से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए थे। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
पांच मई को बेला पुलिस ने लक्ष्मीपुर बाजार से अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। मौके से लैपटॉप और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए थे।
उसी दिन गाढ़ा चौक स्थित एक दुकान पर छापेमारी में पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने से जुड़े उपकरण बरामद किए। इस मामले में दुकानदार निर्मल कुमार को गिरफ्तार किया गया था।
पहले भी हो चुका बड़ा खुलासा
सितंबर 2021 में सीतामढ़ी शहर के रिंग बांध इलाके में छापेमारी के दौरान सात लोगों को हिरासत में लिया गया था। उस समय कई दुकानों से लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर, मोहर और आधार कार्ड फॉर्म बरामद किए गए थे।
इसके अलावा सितंबर 2025 में परिहार और सोनबरसा क्षेत्र में नेपाली नागरिकों के फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।
फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने को लेकर इनपुट आया है। टीम बनाकर कार्रवाई की जा रही है। हाल में बेला, गाढ़ा और बोखरा में हुई कार्रवाई के बाद लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। जनवरी से लेकर अबतक आधा दर्जन से अधिक पकड़े गए हैं। इन पर केस भी दर्ज किए गए हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। यूआईडीएआई को भी पत्र लिखकर जांच करने को कहा गया है।
अमित रंजन, एसपी, सीतामढ़ी
