भारत और नेपाल में चीनी का भाव हुआ लगभग बराबर, गुड़ और प्याज के दाम बढ़ने से छोटे कारोबारी परेशान
भारत में चीनी, गुड़ और प्याज की कीमतों में भारी वृद्धि से भारत-नेपाल सीमावर्ती बाजारों में वस्तुओं के दाम लगभग बराबर हो गए हैं।
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एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
भारत में चीनी, गुड़, प्याज के दाम में भारी वृद्धि।
नेपाल से कीमतों का अंतर अब काफी कम हुआ।
सीमापार तस्करी और छोटे व्यापारियों का व्यापार प्रभावित।
संवाद सहयोगी, सोनबरसा (सीतामढ़ी)। देश में चीनी की कीमतों में तात्कालिक उछाल ने सीमवर्ती नेपाल के बाजारों को भी काफी प्रभावित कर दिया है।
भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के बाजारों में पिछले करीब दस दिनों में रोजमर्रा की खाद्य सामग्री के दाम में अचानक उछाल आया है।
चीनी-गुड़ और प्याज के भाव में वृद्धि से जहां आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी है, वहीं भारत और नेपाल के बाजार भाव के बीच अंतर कम होने से सीमापार तस्करी का भी गणित बदल दिया है।
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार करीब दस दिन पहले भारत में चीनी 48 रुपये किलो बिक रही थी, जो अब बढ़कर करीब 70 रुपये किलो हो गई है।
गुड़ का भाव भी 50 से बढ़कर करीब 80 रुपये किलो पहुंच गया है। प्याज 24 से बढ़कर करीब 50 रुपये किलो हो गया है। दूसरी ओर नेपाल में चीनी करीब 120 नेपाली रुपये यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 75 रुपये किलो है।
इस तरह दोनों देशों के बीच चीनी के भाव में अब महज करीब पांच रुपये प्रति किलो का अंतर रह गया है। प्याज की बात करें तो नेपाल में इसका भाव करीब 90 रुपये नेपाली है। यानी भारतीय मुद्रा में करीब 56 रुपये किलो है।
भारत में प्याज करीब 50 रुपये किलो होने के कारण दोनों देश की कीमत में अंतर भी काफी कम रह गया है। आलू भारत में करीब 12 रुपये किलो, जबकि नेपाल में करीब 24 नेपाली रुपये, यानी लगभग 15 रुपये भारतीय मुद्रा में बिक रहा है।
चीनी पर मुनाफा खत्
व्यापारियों का मानना है कि भारत में चीनी के भाव में हुई वृद्धि से नेपाल और भारत के बाजार के बीच कीमत का अंतर लगभग समाप्त हो गया है। ऐसे में सीमा पार चीनी ले जाने में पहले जैसा मुनाफा नहीं रह गया है।
प्याज और आलू के भाव में भी अंतर कम होने से इनकी छोटी खेपों की तस्करी में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत-नेपाल सीमा पर कृषि उत्पादों का सीमापार कारोबार पहले से ही काफी महत्वपूर्ण है।
आलू-प्याज के एक कारोबारी ने कहा कि पूंजीपतियों को दिक्कत कहां है। ट्रक का ट्रक कस्टम के जरिए चला जाता है, लेकिन छोटे और खुदरा कारोबारियों के लिए परेशानी है।
कारोबार हो रहा प्रभावित
उनका कहना है कि नेपाल में नेपाली सुरक्षा कर्मियों द्वारा खुदरा सामान पर भी रोक-टोक किए जाने से छोटे व्यापारियों और दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
कारोबारियों का कहना है कि बड़े कारोबारी कस्टम प्रक्रिया के जरिए माल भेज पा रहे हैं, लेकिन सीमावर्ती बाजारों में छोटे विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों के सामने कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतें हैं।
ऐसे में दोनों देशों के बीच कीमतों का अंतर कम होने के साथ-साथ सीमा पर खुदरा व्यापार की स्थिति भी छोटे कारोबारियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
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