सीतामढ़ी में हर्ष फायरिंग के दौरान युवक को लगी गोली, मची अफरातफरी
सीतामढ़ी के सुगरीडीह गांव में एक शादी समारोह में जयमाला के दौरान हर्ष फायरिंग में चंदन कुमार नामक युवक को गोली लग गई। गोली पेट में लगने के बाद उसे मुज ...और पढ़ें

हर्ष फायरिंग के दौरान लगी गोली। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
शादी समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान युवक को गोली लगी।
घायल युवक चंदन कुमार का सफल ऑपरेशन, हालत स्थिर।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की, एक नामजद।
संवाद सूत्र, रुन्नीसैदपुर (सीतामढ़ी)। महिंदवारा थानाक्षेत्र के सुगरीडीह गांव में एक शादी समारोह में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब जयमाला के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में एक शख्स को गोली लग गई।
जख्मी की पहचान सुगरीडीह गांव निवासी उदय नारायण राय के पुत्र चंदन कुमार के रूप में हुई है। गोली बाएं तरफ पेट में लगी तथा आर-पार होकर बाहर निकल गई।
इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। स्वजनों ने आनन-फानन में जख्मी युवक को मुजफ्फरपुर के बैरिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के बाद ऑन ड्यूटी चिकित्सक ने बताया कि जख्मी युवक का सफल ऑपरेशन कर दिया गया है।
एफआईआर दर्ज
फिलहाल, उसकी स्थिति स्थिर है तथा बातचीत करने के लायक है। महिंदवारा थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने इसकी पुष्टि करते बताया कि जख्मी के फर्दबयान के आधार पर फायरिंग करने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी में सुगरीडीह गांव निवासी हुकुमदेव राय के पुत्र भोला को नामजद किया गया है।
जख्मी का आरोप है कि जानबूझकर उसे टार्गेट कर फायरिंग की गई थी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है कि हर्ष फायरिंग में यह महज एक दुर्घटना थी अथवा टार्गेट कर फायरिंग की गई थी। जानकारी के अनुसार चंदन अपने चाचा मनोज राय की पुत्री की शादी के अवसर पर समारोह में शामिल था।
जयमाला की रश्म चल रही थी। चारों ओर जश्न का माहौल था। हर्ष फायरिंग के दौरान कई लोग गोलियां चला रहे थे। इसी बीच अचानक एक गोली चंदन कुमार के पेट के आर-पार हो गई। सुगरीडीह गांव के लिए हर्ष फायरिंग के इस जानलेवा रिवाज से रिश्ता पुराना रहा है।
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ठीक इसी तरह की एक घटना 02 मई 2023 की देर शाम भी घटी थी। गांव के ही अमन कुमार ने अपने जन्मदिन की पार्टी रखी। गांव की सीमा से हटकर नदी किनारे सुनसान स्थान पर जश्न के दौरान चली गोली सीधे अमन को ही जा लगी।
उस वक्त भी मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद बमुश्किल उसकी जान बचाई जा सकी थी। यहां खास यह भी कि अमन कुमार के मामले में कार्रवाई की बजाय पुलिस थानाक्षेत्र के सीमा विवाद में उलझकर रह गई थी। सीमा विवाद के चक्कर में संबंधित प्राथमिकी भी दर्ज नहीं हो सकी, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।