पुनौराधाम में माता सीता का भव्य मंदिर बनने तक अस्थायी शेड में लेंगी निवास, 8 अगस्त को शिफ्टिंग
पुनौराधाम में माता सीता की प्रतिमा 8 अगस्त को अस्थायी शेड में स्थानांतरित की जाएगी, जहाँ श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकेंगे। यह कदम भव्य मंदिर निर्माण पू ...और पढ़ें
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HighLights
8 अगस्त को माता सीता अस्थायी शेड में होंगी स्थानांतरित।
गृह मंत्री अमित शाह ने किया था मंदिर का शिलान्यास।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी होंगे इस अवसर पर उपस्थित।
जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। पिछले साल आठ अगस्त 2025 को पुनौरा धाम में गृह मंत्री अमित शाह ने माता सीता के भव्य मंदिर व पूरे परिसर के विकास कार्य का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया था।
आगामी आठ अगस्त 2026 को शिलान्यास के एक साल पूरे हो रहे हैं। यानी शिलान्यास के ठीक एक साल बाद माता सीता का अस्थायी निवास शुरू हो जाएगा। इसके लिए अहलुवालिया कन्ट्रैक्टस इंडिया लिमिटेड द्वारा पुनौरा मंदिर प्रांगण में ही अस्थायी शेड का निर्माण किया गया है। जिसका फाइनल टच दिया जा रहा है।
यहां पुनौरा धाम में बने गर्भगृह में स्थापित माता सीता की प्रतिमा स्थानांतरित की जाएगी। साथ ही श्रद्धालु अब यहीं पर पूजा-अर्चना करेंगे। इसके साथ ही सीता रसोई, गायत्री मंदिर नवनिर्मित अस्थायी शेड में स्थानांतरित कर दिया गया है। जबकि महंत के लिए भी अस्थायी आधुनिक सुविधाओं से लैस तीन कमरे वाली शेड का निर्माण पूर्ण किया गया है।
माता सीता के साथ साथ महंत भी अस्थायी शेड में निवास करेंगे। मंदिर निर्माण को लेकर गृह मंत्री अमित शाह मंदिर ने भूमि पूजन किया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति हुई थी, दूसरी ओर माता सीता के अस्थायी निवास शुरू होने के दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की प्रस्तावित यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी गई है।
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री माता सीता के अस्थायी निवास की शुरूआती गवाह बनेंगे। बताया जा रहा है कि भगवान राम की तरह माता सीता भी विशेष सुविधा से युक्त अस्थायी शेड में तब तक निवास करेंगी, जब तक पुनौरा में भव्य व दिव्य मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाता। कहा जा रहा है कि साल 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के बाद से ही रामलला को अस्थाई तंबू में रखा गया था।
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साल 2020 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच अगस्त 2020 को भूमि पूजन कर मंदिर निर्माण की शुरुआत की, तब रामलला की मूर्ति को श्रीराम जन्मभूमि परिसर में ही बुलेट-प्रूफ फाइबर से बने एक विशेष और सुविधायुक्त अस्थायी शेड में स्थानांतरित कर दिया गया था। तब से रामलला तब तक इसी अस्थायी शेड में रहे और जनवरी 2024 को नवनिर्मित गर्भगृह में उनकी प्राण प्रतिष्ठा की गई थी।
शिलान्यास के एक साल में पुनौराधाम में हुए कार्य
गृह मंत्री द्वारा भूमि पूजन के बाद पुनौरा मंदिर परिसर में ही अहलुवालिया कन्ट्रैक्टस इंडिया लि. द्वारा उपकरण एवं टीम को सुव्यवस्थित कर निर्माण कार्य शुरू किया। अब तक हुए कार्य में अस्थायी सीता रसोई, पीठाधीश्वर निवासी, गायत्री मंदिर, का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
वहीं अस्थायी गोशाला, अस्थायी आश्रम, अस्थायी स्टोर रूम, अस्थायी सेवादार निवास, अस्थायी ट्रस्ट कार्यालय व अस्थायी पुलिस रूम का 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। विग्रह शिफ्टिंग के लिए वुडेन टेंपल को फाइनल टच दिया जा रहा है।
मंदिर निर्माण कार्य में 410 मजदूर , 43 उपकरण व 90 कर्मचारी कार्य कर रहे है। गत 16 जुलाई को मंदिर परिसर का निरीक्षण करने पटना से सीतामढ़ी पहुंचे मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पुनौरा धाम में ही अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य एजेंसी के अधिकारियों को अस्थायी मंदिर शेड निर्माण कराने को लेकर आठ अगस्त का डेडलाइन भी दिया था।
मुख्यमंत्री जनसभा को करेंगे संबोधित
सूत्रों मानें तो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सीतामढ़ी आगमन की तैयारियां शुरू कर दी गई है। वे पुनौरा धाम में विग्रह शिफ्टिंग में शामिल होने के बाद बखरी में आयोजित एक जन सभा को संबोधित करेंगे। हालांकि, इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन, तैयारी को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया जा रहा है।
गृह मंत्री ने किया था भूमि पूजन
गृह मंत्री अमित शाह गत आठ अगस्त 2025 को पुनौराधाम मंदिर परिसर के समग्र विकास की 890 करोड़ रुपये की लागत से नींव डाली और भूमि पूजन किया था। उन्होंने कहा था कि मां जानकी के जन्मस्थान पुनौरा धाम मंदिर परिसर के समग्र विकास की नींव डालना न सिर्फ सीतामढ़ी, मिथिलांचल और बिहार बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए बहुत शुभ अवसर है।
पुनौरा धाम में शक्तिस्वरूपा जगतजननी मां जानकी का भव्य मंदिर 68 एकड़ से अधिक क्षेत्र में लगभग 890 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इसमें से 137 करोड़ रुपये माता सीता के मौजूदा मंदिर के जीर्णोंद्धार और 728 करोड़ रूपये परिक्रमा पथ और बाकी रचनाओं पर खर्च होंगे।
यहां पर परिक्रमा पथ, ध्यान केन्द्रवाटिका, धार्मिक जल स्रोतों का पुनर्निर्माण, धर्मशालाएं, भोजनालय, चिकित्सा सुविधा और डिजिटल गैलरी में मां सीता का जीवन चरित्र और रामायण की कथाएं बताई जाएगी।
अयोध्या में जिस तरह मंडप बनाया गया था, वहीं कारीगर ने माता सीता का अस्थायी शेड (मंडप) तैयार किया है। भगवान राम की तरह ही यहां भी उसी तरह का मंडप तैयार किया गया है। अब नए अस्थायी मंदिर में पूजा में सभी सुविधाएं मिलेगी। मां सीता के साथ ही सभी अस्थायी निवास करेंगे और भव्य मंदिर बन कर तैयार होने के बाद फिर से नये मंदिर में शिफ्टिंग होगा, यह गौरव की बात है।
कौशल किशोर दास, महंत, पुनौरा धाम, सीतामढ़ी।