सीतामढ़ी में सिंगल यूज प्लास्टिक से बन रहे इको-फ्रेंडली फर्नीचर, कचरे से हो रही कमाई
सीतामढ़ी का बाजपट्टी सिंगल यूज प्लास्टिक प्रबंधन में राज्य के लिए एक मिसाल बन गया है, जहां कचरे से फर्नीचर बनाकर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ाव ...और पढ़ें

सीतामढ़ी का बाजपट्टी बना प्लास्टिक कचरा प्रबंधन का रोल मॉडल (जागरण)

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दीपक कुमार, सीतामढ़ी। सीतामढ़ी का बाजपट्टी सिंगल यूज प्लास्टिक प्रबंधन में राज्य को राह दिखा रहा है। स्वच्छता को बढ़ावा मिल रहा तो कचरे से आमदनी भी। सिंगल यूज प्लास्टिक के री-साइकिल (पुनर्चक्रण) प्रबंधन में यह जिला राज्य में दूसरे स्थान पर है।
यहां के बाजपट्टी प्रखंड में स्थापित अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र सिंगल यूज प्लास्टिक के पुनर्चक्रण से फर्नीचर तैयार किया है। प्रथम चरण में इकाई द्वारा निर्मित 85 सीटिंग बेंच पंचायतों को उपलब्ध कराई गई हैं।
कचरे से संसाधन बनाने की इस पर्यावरण अनुकूल तकनीक से प्रत्येक बेंच पर लगभग दो हजार रुपये की बचत हो रही। लोहिया स्वच्छ अभियान के तहत बाजपट्टी, रुन्नीसैदपुर, डुमरा व रीगा में प्लास्टिक प्रसंस्करण यूनिट का संचालन शुरू किया गया है।
बाजपट्टी में उत्पाद का निर्माण शुरू है। अगले माह से रुन्नीसैदपुर यूनिट से भी उत्पादन शुरू होगा। पुनर्चक्रण के लिए बक्सर की राय इंडस्ट्री नामक कंपनी के साथ कान्ट्रैक्ट किया गया है।
पहले चरण में पंचायत को उपलब्ध कराया उत्पाद
डीएम रिची पांडेय ने बाजपट्टी में निर्मित सभी 85 सीटिंग बेंचों का जिले की विभिन्न पंचायतों में समानुपातिक वितरण कराया है। इन बेंचों को पंचायत सरकार भवन, सार्वजनिक स्थल एवं अन्य जनोपयोगी परिसरों में स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि आम नागरिकों को सुविधा मिल सके।
बाजपट्टी स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में पूरे जिले से लगभग 11 हजार किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक का संग्रह किया गया है। इनमें से लगभग चार हजार किलोग्राम प्लास्टिक का पुनर्चक्रण किया गया है।
प्रतिदिन करीब 500 किग्रा प्लास्टिक कचरा संग्रहण
राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम के निदेशक शशिकांत शर्मा के अनुसार, जिले में औसतन प्रतिदिन 500 से 600 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे का संग्रहण किया जा रहा है।
साथ ही, पंचायत एवं नगर निकाय से भी कचरा संग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता संवर्धन तथा वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सिंगल यूज प्लास्टिक कचरे से फर्नीचर तैयार किया जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के भी अवसर मिलेंगे। सिंगल प्लास्टिक कचरा के पुनर्चक्रण से तैयार उत्पाद उपयोगी साबित होगा। - रिची पांडेय, डीएम, सीतामढ़ी