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    सीतामढ़ी अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने से मरीज की मौत, परिजनों ने काटा बवाल

    Updated: Tue, 06 Jan 2026 03:07 PM (IST)

    बथनाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीतामढ़ी में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण एक मरीज श्याम पासवान की कथित तौर पर मौत हो गई। गंभीर हालत में लाए गए मर ...और पढ़ें

    मृतक श्याम पासवान। फाइल फोटो

    मृतक श्याम पासवान। फाइल फोटो

    HighLights

    1. बथनाहा अस्पताल में डॉक्टर न होने से मरीज की मौत।

    2. परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।

    3. चिकित्सा प्रभारी ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    संवाद सहयोगी, बथनाहा। प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती एक मरीज मंगलवार की सुबह इलाज में लापरवाही की भेंट चढ़ गया। इसको लेकर मृतक के स्वजन ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर वहां पहुंची स्थानीय पुलिस ने काफी मशक्कत कर किसी तरह आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर हंगामा शांत कराया।

    बताया जाता है कि बथनाहा पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या 01 निवासी मोजे पासवान का 37 वर्षीय पुत्र श्याम पासवान को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, लेकिन इमरजेंसी वार्ड में एक भी चिकित्सक उपस्थित नहीं थे। इस कारण उसका समय पर इलाज नहीं हो सका। इस कारण उसकी मौत हो गई।

    स्वजन का कहना था कि अस्पताल में चिकित्सकों की मनमानी चरम पर है। उनके आने-जाने का कोई समय तय नहीं रहता है। वहीं अस्पताल प्रशासन चिकित्सकों की मनमानी पर कोई अंकुश नहीं लगा पा रहा है। इससे मरीज असमय काल के गाल में समा रहे हैं। स्वजन ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।

    3 घंटे तक रहा अफरातफरी का माहौल 

    घटना के बाद आक्रोशित स्वजन के हंगामे के कारण करीब तीन घंटे तक अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और ओपीडी सेवाएं भी काफी देर तक प्रभावित रहीं।

    जानकारी करने पर पता चला कि रोस्टर के अनुसार डॉ. फायजा ताहिर समय से अस्पताल नहीं आई थीं और डॉ संदीप अपनी ड्यूटी करके जा चुके थे। इस तरह अस्पताल में चिकित्सकों की गैर मौजूदगी का यह कोई पहला मामला नहीं है।

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    स्थानीय लोगों की मानें तो इस अस्पताल का नाम रेफर अस्पताल होना चाहिए। यहां की व्यवस्था इतनी लचर हो चुकी है दिन में तो किसी प्रकार यहां कार्यरत कर्मी उपस्थित होकर अपनी ड्यूटी की खानापूर्ति कर लेते हैं, लेकिन रात होते ही अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसर जाता है। रात्रि में यहां मौके पर ढूंढे चिकित्सक कर्मचारी नहीं मिलते हैं।

    आश्चर्य यह कि यह व्यवस्था तब है जब सरकार द्वारा रोगियों की मिलने वाली हर सुविधा पर प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च की जाती है, लेकिन आलाधिकारियों की देखरेख के अभाव में इस अस्पताल के साथ प्रखंड क्षेत्र में संचालित दर्जनों उप केंद्र एवं तीन अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र रोगियों के लिए प्रायः मृत साबित होता है। इसमें सहियारा,मझौलिया एवं महुआवा शामिल हैं।

    अस्पताल लाने से पहले ही मरीज दम तोड़ चुका था। उस समय चिकित्सक की अनुपस्थिति के मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर अवश्य कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. महिमा मोहन, चिकित्सा प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बथनाहा, सीतामढ़ी।