बिहार में टीआरई-1, 2 और 3 शिक्षकों के वेतन पर बड़ा अपडेट, जिला शिक्षा विभाग ने दिखाई सख्ती
सीतामढ़ी में विशिष्ट और बीपीएससी टीआरई शिक्षकों के लंबित वेतन व डीए के भुगतान में देरी पर जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने सभी प्रखंड ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
हजारों शिक्षकों के लंबित वेतन और डीए का इंतजार
जिला शिक्षा विभाग ने भुगतान में देरी पर सख्ती दिखाई
बीईओ को एक सप्ताह में दस्तावेज जमा करने का निर्देश
जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। विशिष्ट शिक्षक और बीपीएससी टीआरई-1, टीआरई-2 व टीआरई-3 के हजारों शिक्षकों के लंबित वेतन तथा महंगाई भत्ता (डीए) की अंतर राशि का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है।
भुगतान में लगातार हो रही देरी पर जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक विपत्र उपलब्ध कराने का अंतिम निर्देश जारी किया है। तय समय सीमा में दस्तावेज नहीं देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की स्थापना शाखा से जारी पत्र में बताया गया है कि 18 मई और 10 जून 2026 को भी सभी प्रखंडों को आवश्यक विपत्र भेजने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद कई प्रखंडों से अब तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिससे भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित है।
भुगतान की प्रक्रिया अटकी
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) प्रियदर्शी सौरभ ने कहा कि लंबित विपत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण विशिष्ट शिक्षकों और बीपीएससी टीआरई-1, टीआरई-2 तथा टीआरई-3 के शिक्षकों के वेतन एवं महंगाई भत्ता की अंतर राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। समय पर विपत्र मिलने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
सीधे आवेदन देने पर भी जताई नाराजगी
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई शिक्षक बिना आवश्यक विपत्र संलग्न किए सीधे जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कार्यालय में आवेदन दे रहे हैं। विभाग ने इसे प्रखंड स्तर पर लंबित मामलों के समय पर निष्पादन में लापरवाही का संकेत माना है।
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बीईओ की तय होगी जवाबदेही
डीपीओ स्थापना ने सभी बीईओ को स्पष्ट निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर संबंधित विपत्र जिला कार्यालय में उपलब्ध कराएं। यदि निर्धारित अवधि में दस्तावेज नहीं भेजे गए तो संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
शिक्षा विभाग के इस सख्त कदम से लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे शिक्षकों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी लंबित राशि जल्द जारी हो सकेगी।