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    बिहार में यहां बिछेगी 188 KM लंबी नई रेलवे लाइन, 4 महीने में पूरा होगा फाइनल सर्वे; देखें रूट चार्ट

    Updated: Tue, 07 Apr 2026 02:21 PM (GMT+05:30)

    सीतामढ़ी से निर्मली तक प्रस्तावित 188 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन परियोजना की प्रक्रिया तेज हो गई है। रेलवे ने इसके लिए डीपीआर तैयार करने से पहले अंति ...और पढ़ें

    सीतामढ़ी-निर्मली प्रस्तावित 188 किमी नई रेल लाइन का होगा फाइनल सर्वे (AI Generated Image)

    सीतामढ़ी-निर्मली प्रस्तावित 188 किमी नई रेल लाइन का होगा फाइनल सर्वे (AI Generated Image)

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    संवाद सूत्र, सीतामढ़ी। सीतामढ़ी से बथनाहा, सोनबरसा, सुरसंड, भिट्ठामोड़, चोरौत व जयनगर होते हुए निर्मली तक प्रस्तावित 188 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन परियोजना की प्रक्रिया तेज हो गई है। रेलवे ने इसके लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने से पहले एलाइनमेंट के फाइनल सर्वे के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    फाइनल सर्वे में कम से कम चार माह लगेंगे। परियोजना के पूरा होने पर सीतामढ़ी के बथनाहा, सोनबरसा, परिहार, सुरसंड, चोरौत प्रखंड रेलमार्ग से जुड़ जाएंगे।

    सीतामढ़ी जंक्शन से शुरू रेलखंड अमघट्टा गुमटी के पास 101.7 कि.मी. तक सीधी आएगी, वहां से टर्न लेते हुए भगवतीपुर, आमघटा, भैरोकोठी, बरियारपुर, रुपौली, बथनाहा, माधोपुर, लतीपुर, कोदरकट, दिग्घी,गोनाही, विशनपुर, बेला, परसाकला, दोस्तियां, अररिया, फारछहिया, चिलड़ा तक जाएगी जहां सोनबरसा में रेलवे स्टेशन प्रस्तावित है।

    उसके आगे हरिहरपुर, दलकावा, रजवाड़ा, पकड़िया, दामी, नरंगा, परिहार, मसहा, दुलारपुर, बनौली, सुरसंड, भिट्ठामोड़ होते हुए चोरौत के रास्ते जयनगर होते हुए निर्मली तक जाएगी।

    पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य अभियंता (निर्माण) महबूब आलम ने बताया कि राज्य सरकार के ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव को पत्र भेजकर इस रेल परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया है।

    पत्र में उल्लेख किया गया है कि सीतामढ़ी - सुरसंड - जयनगर - निर्मली रेलवे लाइन के लिए फाइनल सर्वे से संबंधित निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्य अभियंता ने बताया कि इस रूट की फाइनल सर्वे में कम से कम चार माह का समय लगेगा।

    बथनाहा, सोनबरसा, परिहार, सुरसंड, भिट्ठामोड़ व चोरौत को पहली बार मिलेगी रेल सुविधा:

    इस प्रस्तावित रेल परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके पूरा होने पर सीतामढ़ी जिले के बथनाहा, सोनबरसा, परिहार, सुरसंड प्रखंड को पहली बार रेल सुविधा उपलब्ध होगी। अब तक इन प्रखंडों के लोगों को रेल यात्रा के लिए बाजपट्टी, पुपरी या सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन आना पड़ता है।

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    नई रेललाइन के निर्माण से इन तीनों प्रखंड के अलावा पड़ोसी देश के नागरिकों को भी लाभ मिलेगा। सीतामढ़ी-सुरसंड-जयनगर-निर्मली रेल लाइन से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

    किसानों को अपनी कृषि उपज को बड़े मंडियों और बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सहूलियत होगी, व्यापारियों और छोटे उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से कारोबार को मजबूती मिलेगी। वहीं छात्र, नौकरीपेशा वाले लोग और आम यात्री कम समय में सुरक्षित, सस्ती और सुलभ यात्रा कर सकेंगे।

    रेल संपर्क बढ़ने से सीमावर्ती इलाकों में पर्यटन, विशेषकर धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बताते चलें कि इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को वर्ष 2008-09 में स्वीकृति दी गई थी।

    विभिन्न कारणों से वर्ष 2019 में रेलवे बोर्ड द्वारा परियोजना तत्काल स्थगित कर दिया गया था। लंबे अंतराल के बाद 29 सितंबर 2025 को रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना को पुनः शुरू करने की अनुमति दी, जिसके सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।