यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jamin Survey: जमीन मालिकों की फिर बढ़ गई टेंशन! अब एक नए काम के लिए लगाने होंगे ब्लॉक के चक्कर, ये है नया निर्देश
बिहार के सिवान जिले में भूमि-सर्वेक्षण का कार्य जारी है जिसमें जमीन के स्वामित्व को लेकर होने वाले विवादों को सुलझाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभ ...और पढ़ें

HighLights
- रैयतों को वंशावली की घोषणा-पत्र में बहन-बेटियों का नाम करना होगा दर्ज
- स्वामित्व विवाद को सुलझाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जारी किया निर्देश
खबरें और भी
सहमति के आधार पर बंटवारा मान्य
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जिला बंदोबस्त पदाधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि आपसी सहमति के आधारित सभी पक्षों के बीच हुआ हस्ताक्षरित बंटवारा मान्य है। इस आधार पर सभी पक्षों का खाता खुलेगा। हिस्सेदारों में असहमति होने पर संयुक्त खाता खुलेगा। -
अगर बंटवारा निबंधित और सक्षम न्यायालय द्वारा किया गया है तो उसके आधार पर भी हिस्सेदारों का अलग-अलग खाता खुलेगा। -
यदि कोई खेसरा कैडेस्ट्रल सर्वे में रैयती है और रिवीजनल सर्वे में अनाबाद बिहार सरकार या अनाबाद सर्व साधारण दर्ज है और सिविल सूट में रैयत के पक्ष में निर्णय हुआ है तो ऐसी स्थिति में खेसरा रैयती माना जाएगा। -
अगर क्रेता का जमीन पर शांतिपूर्ण दखल है तो केवाला का निबंधन कार्यालय से सत्यापन कराकर क्रेता के नाम से खाता खोला जाएगा। -
विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त की किसी प्रक्रिया में कोई हिस्सेदार पूर्व में किए गए बंटवारे पर असहमत होते हैं तो वापस संयुक्त खाता खोला जाएगा।
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