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Farmer ID: दाखिल-खारिज के बाद भी अटकी फॉर्मर आईडी, जमाबंदी सुधार और कर्मियों की कमी से परेशान किसान

Published: Sat, 31 Jan 2026 11:29 AM (IST)

Land Record Issues गुठनी प्रखंड में एग्री-ट्रैक परियोजना के तहत फॉर्मर आईडी बनाने में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना ...और पढ़ें

दाखिल-खारिज के बाद भी अटकी फॉर्मर आईडी

दाखिल-खारिज के बाद भी अटकी फॉर्मर आईडी

संवादसूत्र, गुठनी (सिवान)। बिहार सरकार के निर्देश पर प्रखंड मुख्यालय में एग्री-ट्रैक परियोजना के तहत फॉर्मर आईडी बनाने का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि किसानों को कई स्तरों पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जिन किसानों के नाम दाखिल-खारिज (जमाबंदी) है, वे भी फॉर्मर आईडी बनवाने में अटक रहे हैं।

10 पंचायतों में 65% तक ही पूरा हुआ पंजीकरण

गुठनी प्रखंड की 10 ग्राम पंचायतों और नगर पंचायत को मिलाकर कुल 12 राजस्व हल्के हैं। यहां अब तक फॉर्मर आईडी का काम औसतन 65 प्रतिशत तक ही पूरा हो पाया है। कई पंचायतों में प्रगति और भी धीमी है, जिससे किसानों में असंतोष बढ़ रहा है।

पूर्वजों के नाम जमाबंदी सबसे बड़ी बाधा

अधिकतर किसानों की जमाबंदी आज भी उनके पूर्वजों के नाम दर्ज है। पारिवारिक बंटवारा नहीं होने, नामांतरण लंबित रहने और जमाबंदी में नाम सुधार की प्रक्रिया जटिल होने के कारण फॉर्मर आईडी बन नहीं पा रही है। तत्काल नामांतरण की कोई प्रभावी व्यवस्था न होने से किसान विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

सर्वर डाउन और कागजात की कमी से परेशानी

कई मामलों में सर्वर डाउन, दस्तावेजों की कमी और तकनीकी खामियां भी बाधा बन रही हैं। पहले जिन किसानों के नाम जमाबंदी नहीं थी, वही परेशान थे; अब जिनके नाम जमाबंदी है, वे भी इन्हीं दिक्कतों से जूझ रहे हैं।

राजस्व कर्मियों की भारी कमी, काम का बोझ ज्यादा

प्रखंड में 12 राजस्व हल्कों के लिए मात्र तीन राजस्व कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, नामांतरण, लगान निर्धारण, जमाबंदी सुधार जैसे सैकड़ों मामले लंबित पड़े हैं। ऊपर से फार्मर रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन म्यूटेशन, ई-केवाईसी और जमाबंदी का ऑनलाइन कार्य भी इन्हीं पर सौंपा गया है।

कैंप लगाकर हो रहा प्रयास, पर समाधान अधूरा

सीओ डॉ. विकास कुमार ने बताया कि पंचायतों में लगातार कैंप लगाकर फॉर्मर आईडी बनाई जा रही है। जिन रैयतों के नाम से जमाबंदी नहीं है, उन्हें पहले जमाबंदी अपडेट करानी होगी, तभी पंजीकरण संभव है।

कृषि विभाग ने दी जानकारी

जनप्रतिनिधियों और सोशल मीडिया के माध्यम से किसानों को लगातार जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग के कर्मियों की तैनाती भी की गई है, ताकि फॉर्मर आईडी का काम जल्द पूरा हो सके।

सुशील चौधरी, बीएओ

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