स्टूडेंट ऑफ द ईयर से नेवी ऑफिसर तक; पहले ही प्रयास में सिवान के रजनीश ने हासिल की बड़ी सफलता
दारौंदा प्रखंड के दर्शनी गांव निवासी रजनीश कुमार सिंह ने भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बनकर अपने परिवार, गांव और सिवान जिले का नाम रोशन किया है। उनक ...और पढ़ें

परिवार के साथ प्रसन्न मुद्रा में रजनीश। सौजन्य : स्वजन
HighLights
रजनीश कुमार सिंह भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बने।
उन्होंने दारौंदा, सिवान और परिवार का नाम रोशन किया।
उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।
पंचायत सूत्र, बगौरा, दारौंदा (सिवान)। दारौंदा प्रखंड के दर्शनी गांव निवासी रजनीश कुमार सिंह ने नौ सेना में अधिकारी बनकर नाम रोशन किया है।
शिव जनम सिंह के पौत्र एवं सेवानिवृत्त मानद कप्तान राजू कुमार सिंह तथा सुधा देवी के पुत्र रजनीश कुमार सिंह ने भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बनकर पूरे परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन किया है।
उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है तथा क्षेत्र के लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। रजनीश की सफलता आज युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
केवी से की 12वीं तक की पढ़ाई
बता दें कि बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज, अनुशासित और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे हैं। उन्होंने अपनी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, सीएमई पुणे (महाराष्ट्र) से प्राप्त की।
10वीं के बाद 12वीं की परीक्षा में उन्होंने भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित एवं कंप्यूटर साइंस विषयों के साथ 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में सर्वोच्च स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार ने भी उन्हें सम्मानित किया था।
इंजीनियरिंग में भी किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद रजनीश ने पुणे स्थित एआईएसएसएमएस काॅलेज से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। काॅलेज जीवन में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
लगातार बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के कारण उन्हें स्टूडेंट आफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने काॅलेज में एनसीसी की शुरुआत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पिता राजू कुमार सिंह ने भारतीय सेना में लगभग 30 वर्षों तक देश सेवा की है। पहले प्रयास में हासिल की सफलता रजनीश ने पहली बार एएफसीएटी परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय वायुसेना के लिए एसएसबी इंटरव्यू दिया।
वायुसेना में पायलट के लिए चयन
प्रथम प्रयास में ही पायलट पद के लिए चयनित हुए। इसके बाद उन्होंने भारतीय नौसेना के लिए भी एसएसबी इंटरव्यू दिया, जिसमें उनका चयन परमानेंट कमीशन अधिकारी के रूप में हुआ।
30 दिसंबर 2024 से प्रशिक्षण प्रारंभ करने के बाद उन्होंने 28 मई को अंतिम पग ग्रहण कर भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के रूप में देश सेवा हेतु कदम बढ़ाया।
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