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    सिवान: पहले दोस्ती कर जीतते थे भरोसा, फिर उसी रिश्ते को हथियार बनाकर खेलते थे ब्लैकमेलिंग का खेल

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 04:19 PM (IST)

    सिवान में पोलो डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती कर ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके मोबाइल से ...और पढ़ें

    पहले दोस्ती कर जीतते थे भरोसा, फिर उसी रिश्ते को हथियार बनाकर खेलते थे ब्लैकमेलिंग का खेल (AI Generated Image)

    पहले दोस्ती कर जीतते थे भरोसा, फिर उसी रिश्ते को हथियार बनाकर खेलते थे ब्लैकमेलिंग का खेल (AI Generated Image)

    HighLights

    1. पोलो ऐप पर दोस्ती कर ब्लैकमेलिंग का खेल।

    2. सिवान पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार।

    3. डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है।

    संवाद सूत्र, दारौंदा (सिवान)। डेटिंग ऐप पर दोस्ती के नाम पर भरोसा जीतने और बाद में उसी रिश्ते को ब्लैकमेलिंग का हथियार बनाने वाले गिरोह की परतें खुलने लगी हैं। पोलो डेटिंग ऐप से जुड़े मामले में गिरफ्तारी के बाद उनके मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।

    चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर गिरोह के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस जाल में कितने लोग फंसे और कितने अन्य पीड़ित हो सकते हैं। साथ ही और गिरोह में कितने सदस्य शामिल हैं। जांच का दायरा बढ़ने के साथ नए खुलासे होने की संभावना है।

    मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार पीड़ित की पहचान करीब डेढ़ माह पहले पोलो ऐप के माध्यम से एक युवक से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद दोनों ने मोबाइल नंबर साझा किए। इसके बाद 24 जुलाई को दोबारा फोन कर उसे मिलने के लिए बुलाया गया।

    पीड़ित के अनुसार, 25 जुलाई की शाम वह घनौता मोड़ पहुंचा, जहां बाइक सवार दो युवक उसे चैनवा स्टेशन के पास एक सुनसान स्थान पर ले गए। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद दो अन्य युवकों के साथ मिलकर उसे बंधक बना लिया गया।

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    विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जबरन अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाया गया। इसके बाद आरोपितों ने उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और व्हाट्सऐप चैट डिलीट करने के साथ संपर्क सूची भी अपने फोन में ट्रांसफर कर ली।

    पीड़ित ने आरोप लगाया है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे रुपये की मांग की गई। शुरुआत में 50 हजार रुपये मांगे गए, बाद में रकम घटाकर 40 हजार और फिर 20 हजार रुपये कर दी गई। पीड़ित ने रिश्तेदारों और दोस्तों से मदद मांगी, लेकिन वह केवल 400 रुपये ही जुटा सका।

    कम राशि मिलने पर आरोपितों ने दोबारा धमकी देने और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। उसने यह भी दावा किया है कि आरोपितों ने कई युवक-युवतियों के कथित अश्लील वीडियो दिखाकर पहले भी इसी तरह लोगों को फंसाने की बात कही थी। घटना के बाद पीड़ित ने स्वजन को पूरी जानकारी दी, इसके बाद प्राथमिकी कराई गई।

    पुलिस ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जा रही है। थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

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