सिवान में गेहूं पटवन कर रहे किसान की गोली मारकर हत्या, घटना का कारण तलाश रही पुलिस
सिवान के सिसवन थाना क्षेत्र के ग्यासपुर उत्तर टोला में गेहूं की पटवन कर रहे किसान राजू यादव (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने उन्हें सीने ...और पढ़ें

सिवान में किसान की गोली मारकर हत्या। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
सिसवन में गेहूं पटवन कर रहे किसान की हत्या।
राजू यादव को बदमाशों ने गोली मारी, मौके पर मौत।
हत्या का कारण अज्ञात, पुलिस जांच में जुटी।
संवाद सूत्र, सिसवन (सिवान)। सिसवन थाना क्षेत्र के क्षेत्र के ग्यासपुर उत्तर टोला में गेहूं खेत की पटवनी कर रहे एक किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
मृतक की पहचान ग्यासपुर उत्तर टोला निवासी शिवजी यादव के पुत्र राजू यादव (35) के रूप में हुई है। हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका था। बदमाशों ने राजू के सीने और हाथ में गोली मारी थी।
बताया जाता है कि राजू यादव यादव शनिवार की शाम सरयू नदी के उस पार दियरा में अपने डेरा पर रह रहे थे तथा अपनी खेत पटवन कर रहे थे।
पटवन के दौरान वे ठंड से बचने के लिए आग ताप रहे थे तभी बदमाशों ने दो उन्हें दो गोली मारी, एक गोली सीने में तथा दूसरी ओर दाएं हाथ में लगी जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
आसपास के लोगों ने घटना की सूचना उनके स्वजनों को दी। सूचना मिलते ही थाना की पुलिस मौके पर पहुंच घटना की जानकारी ली।
शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि हत्या की सूचना मिली है, पुलिस मामले की जांच की जा रही है।
गांव में दहशत का माहौल
इधर मृतक कि पत्नी अमरावती देवी एवं दो पुत्रों मिथिलेश कुमार एवं कमलेश कुमार का रो रो कर बुरा हाल है। हत्या की खबर फैलते ही गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में अफरा तफरी का माहौल बन गया।
मृतक के दरवाजे पर ग्रामीणों एवं रिस्तेदारों कि भीड़ जुटने लगी।परिजनों के रोने की आवाज सुनकर आस पास कि महिलाओं की भीड़ जमा हो गई। राजू यादव दियारा मे ही रहकर खेती बारी का कार्य करते थे।
सिसवन और आसपास का दियारा क्षेत्र, खासकर नदियों के किनारे वाला इलाका, अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अपराधियों का गढ़ रहा है, जहां अवैध शराब कि तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए यह एक सुरक्षित ठिकाना बन जाता है।
सिसवन थाना क्षेत्र में बहने वाली सरयू नदी का दियारा क्षेत्र जयी छपरा से लेकर कचनार पंचायत के शुभहाता गांव तक अवैध शराब निर्माण, बिक्री और तस्करी का बड़ा अड्डा बन गया है, क्योंकि यहां तक पहुंचना पुलिस के लिए मुश्किल होता है।