Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सिवान-गोपालगंज रूट पर रेलवे का बड़ा फैसला; अंडरपास नहीं अब बनेंगे ROB, ट्रेन आने पर नहीं लगेगा लंबा जाम

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 08:57 AM (GMT+05:30)

    सिवान-गोपालगंज रूट पर रेलवे ने अंडरपास की जगह ओवरब्रिज (ROB) बनाने का फैसला किया है, जिससे लंबे ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। तकनीकी समीक्षा के बाद यह ...और पढ़ें

    सिवान-जीरादेई रेलखंड पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज।

    सिवान-जीरादेई रेलखंड पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज।

    HighLights

    1. सिवान-गोपालगंज रूट पर अब बनेंगे ओवरब्रिज (ROB)।

    2. अंडरपास में जलजमाव और भारी वाहन समस्या से निजात।

    3. यातायात सुगम होगा, जाम से मिलेगी राहत।

    जागरण संवाददाता, सिवान। जिले के वाहन चालकों और राहगीरों को रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।

    रेलवे ने सिवान-गोपालगंज रूट के प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग पर पहले प्रस्तावित अंडरपास योजना में बदलाव करते हुए अब वहां ओवरब्रिज (ROB) बनाने का निर्णय लिया है। इस दिशा में रेलवे प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है।

    रेलवे ने सिवान से गोपालगंज तक के व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग का सर्वे कर नया नक्शा तैयार कर लिया है। अब संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

    योजना पूरी होने के बाद इस मार्ग के व्यस्त रेल फाटक अतीत की बात हो जाएंगे और यातायात पहले की तुलना में अधिक सुगम होगा।

    अंडरपास की जगह ओवरब्रिज क्यों?

    शुरुआत में रेलवे इन प्रमुख मार्गों पर अंडरपास बनाने की योजना पर काम कर रहा था, लेकिन तकनीकी समीक्षा और स्थानीय फीडबैक के बाद इसे बदल दिया गया।

    रेलवे ने पाया कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर अंडरपास बनने से भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।इसके अलावा, मानसून के दौरान अंडरपास में जलजमाव की समस्या आम रहती है। 

    इससे यातायात बाधित हो जाता है। ओवरब्रिज बनने से बारिश में पानी भरने की समस्या नहीं होगी और बड़े ट्रक, बस समेत सभी वाहन बिना किसी ऊंचाई संबंधी बाधा के आवागमन कर सकेंगे। इससे भविष्य में ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। 

    24 घंटे व्यस्त रहने वाले रेलवे क्रॉसिंग का सर्वे पूरा

    रेलवे के तकनीकी विंग ने सिवान से गोपालगंज के बीच स्थित उन सभी प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग का सर्वे पूरा कर लिया है, जहां चौबीसों घंटे भारी वाहनों का आवागमन रहता है। सर्वे के आधार पर अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।

    परियोजना पूरी होने के बाद सिवान और गोपालगंज के बीच यात्रा अधिक सुरक्षित और तेज होगी। वर्तमान में ट्रेन गुजरने के दौरान इन रेल फाटकों पर लंबा जाम लग जाता है। 

    जिससे आम लोगों के साथ-साथ एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को भी परेशानी होती है। ओवरब्रिज बनने से दोनों जिलों के व्यापारिक और सामाजिक संपर्क को भी नई गति मिलेगी। 

    एनओसी के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य

    पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता कृष्णनंदन सिंह ने बताया कि रेलवे के तकनीकी विंग ने सिवान से गोपालगंज के बीच सभी प्रमुख रेल फाटकों का सर्वे कर नक्शा तैयार कर लिया है और एनओसी मांगी है।

    रेलवे क्षेत्र में ओवरब्रिज के गार्डर का निर्माण रेलवे करेगा, जबकि संपर्क सड़क (एप्रोच रोड) का निर्माण संबंधित सड़क निर्माण एजेंसी या एनएचएआई द्वारा कराया जाएगा। इस पहल से लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी। 

    ज्यादा यातायात वाले फाटकों को मिलेगी प्राथमिकता

    वाराणसी रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक (समन्वय) शैलेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल संबंधित विभागों से एनओसी लेने की प्रक्रिया चल रही है।

    इसके पूरा होने के बाद जिन रेलवे क्रॉसिंग पर सबसे अधिक वाहनों का दबाव है, उन्हें प्राथमिकता देते हुए ओवरब्रिज निर्माण की लागत का आकलन कर कार्य शुरू किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि सिवान-जीरादेई रेलखंड पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज और कचहरी रेलवे ढाला पर प्रस्तावित ओवरब्रिज इसी योजना का हिस्सा हैं।

    इसके अलावा गोपालगंज के मीरगंज में स्थित दो रेलवे क्रॉसिंग को भी इस योजना में शामिल किया गया है। हालांकि, एनओसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम संख्या और सूची स्पष्ट हो सकेगी।

    यह भी पढ़ें- 26 करोड़ की लागत वाला ROB 15 दिन भी नहीं टिक पाया; जांच के घेरे में निर्माण गुणवत्ता, फिर खुलेगा समपार फाटक!

    खबरें और भी