जिले में नई चीनी मिल की तैयारी तेज, 50-70 एकड़ जमीन चिह्नित करने का आदेश; किसानों में जगी उम्मीद
सिवान जिले के पचरुखी और महाराजगंज में नई चीनी मिल स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने तेजी दिखाई है। इसके लिए 50-70 एकड़ उपयुक्त भूमि चिह्नित करने ...और पढ़ें

सिवान में चीनी मिल लगाने की प्रक्रिया में आई तेजी। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
नई चीनी मिल के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू।
गन्ना किसानों को उपज का बेहतर बाजार मिलेगा।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
जागरण संवाददाता, सिवान। जिले के पचरुखी और महाराजगंज क्षेत्र में नई चीनी मिल की स्थापना की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है।
गन्ना उद्योग विभाग के निर्देश पर प्रस्तावित चीनी मिल के लिए 50 से 70 एकड़ उपयुक्त भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस पहल से जिले के गन्ना किसानों और स्थानीय युवाओं में नई उम्मीद जगी है।
जानकारी के अनुसार, सारण जिले के एकमा प्रखंड के परसा गढ़ निवासी सामाजिक कार्यकर्ता संदीप कुमार पांडेय ने राज्य सरकार से सिवान में नई चीनी मिल स्थापित करने की मांग की थी।
अंचलाधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
इस आवेदन पर कार्रवाई करते हुए जिला ईख पदाधिकारी ने संबंधित अंचलों के अंचलाधिकारियों को पत्र भेजकर अपने-अपने क्षेत्र में 50 से 70 एकड़ उपयुक्त भूमि चिह्नित कर जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्ताव गन्ना उद्योग विभाग को भेजा जाएगा। विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद चीनी मिल की स्थापना की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
किसानों के बहुरेंगे दिन
इसे जिले में बंद पड़े चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई चीनी मिल स्थापित होने से जिले के गन्ना किसानों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मिलेगा।
साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। किसानों और स्थानीय लोगों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि भूमि चिह्नित होने और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी तथा जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।