यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार के इस कॉलेज में तुगलकी फरमान, लड़के-लड़कियों के साथ बैठने, हंसी-मजाक और बातचीत करने पर लगाया प्रतिबंध
बिहार के जेडए इस्लामिया कॉलेज में छात्र-छात्राओं के साथ बैठने पर एक तालीबानी फरमान जारी किया गया है। कॉलेज द्वारा जारी आदेश के मुताबिक क्लास खत्म होने ...और पढ़ें

HighLights
- जयप्रकाश विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज ने जारी किया तालीबानी फरमान।
- जेडए इस्लामिया कॉलेज में छात्र-छात्रा साथ बैठने पर नामांकन होगा रद्द।
जागरण संवाददाता, छपरा। बिहार (Bihar) के जयप्रकाश विश्वविद्यालय (Jaiprakash University, Bihar) के जेडए इस्लामिया कॉलेज (ZA Islamia College) में छात्र-छात्राओं के साथ बैठने पर एक तालीबानी फरमान जारी किया गया है। कॉलेज द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, क्लास खत्म होने के बाद भी छात्र-छात्राएं एक साथ बैठकर पढ़ाई एवं बातचीत नहीं कर सकते हैं।
इस आशय का पत्र जयप्रकाश विश्वविद्यालय (JP University, Bihar) के संबद्ध इकाई जेडए इस्लामिया स्नातकोत्तर कॉलेज सिवान (ZA Islamia Post Graduate College Siwan) के प्राचार्य ने निकाला है।
जेडए इस्लामिया कॉलेज के शासी निकाय के सचिव के आदेश पर तीन अक्टूबर को जारी पत्र सोशल मीडिया (Social Media) पर खूब वायरल हो रहा है। पत्र वायरल होने के बाद छात्र-छात्राओं के साथ-साथ आम लोग भी इस पर खूब प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
बुद्धिजीवी बोले- दकियानूसी सोच
बुद्धिजीवियों ने इस तरह के पत्र को दकियानूसी सोच वाला करार दिया है। उनका कहना है कि एक ही कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्रा बातचीत कर लेंगे तो क्या हो जाएगा।
शिक्षाविदों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन को इस तरह का पत्र नहीं निकालना चाहिए। जेपी विश्वविद्यालय के कॉलेजों में नियमित वर्ग संचालित कैसे हो, विद्यार्थियों की संख्या कक्षा में कैसे बढ़े, इस दिशा में कॉलेज प्रशासन को प्रयास करना चाहिए।
नामांकन रद्द करने का फरमान
उल्लेखनीय हो कि जेडए इस्लामिया स्नातकोत्तर कॉलेज के शासी निकाय के सचिव के निर्देश पर जारी पत्र में प्राचार्य ने सार्वजनिक सूचना प्रसारित की है कि अगर छात्र-छात्राओं को साथ में (एक साथ बैठे/हंसी-मजाक/ बातचीत करते) कॉलेज परिसर में देखा जाएगा, तो उनके नामांकन को रद्द कर दिया जाएगा।
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अल्पसंख्यक कॉलेज है ZA इस्लामिया महाविद्यालय
ज्ञात हो कि यह एक अल्पसंख्यक कॉलेज है। इसके सारे प्रबंधन का अधिकार शासी निकाय में निहित है। यह पत्र जारी होने के बाद कॉलेज में नामांकित छात्राओं में भी हड़कंप मच गया है। प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज में अनुशासन कायम करने के लिए यह पत्र जारी किया गया है।
कॉलेज में इन दिनों छात्र-छात्राएं परिसर में एक साथ घूम रहे हैं, लेकिन क्लास नहीं कर रहे हैं। कॉलेज में शैक्षणिक माहौल कायम हो सके, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
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