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    Bihar Bhumi: बिहार में जमीन रजिस्ट्री के नए नियम लागू, बढ़ेगा सरकारी रेट और घटेगा फर्जीवाड़ा

    Updated: Wed, 24 Jun 2026 04:48 PM (IST)

    बिहार सरकार ने जमीन खरीद-बिक्री और निबंधन प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं, जिससे शहरी व ग्रामीण इलाकों में जमीन का न्यूनतम सरकारी मूल्य बढ़ गया ह ...और पढ़ें

    बिहार में जमीन रजिस्ट्री के नए नियम लागू, बढ़ेगा सरकारी मूल्य और घटेगा फर्जीवाड़ा (AI Generated Image)

    बिहार में जमीन रजिस्ट्री के नए नियम लागू, बढ़ेगा सरकारी मूल्य और घटेगा फर्जीवाड़ा (AI Generated Image)

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    संवाद सूत्र, राघोपुर (सुपौल)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) के नेतृत्व वाली सरकार ने जमीन की खरीद-बिक्री, निबंधन प्रक्रिया और उसके न्यूनतम सरकारी मूल्य को लेकर ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। राज्य सरकार के फैसले के बाद जिला गजट में जारी अधिसूचना के अनुसार नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।

    नए नियमों के तहत जहां एक तरफ शहरी और ग्रामीण इलाकों में जमीन के न्यूनतम सरकारी मूल्य में भारी बढ़ोतरी की गई है, वहीं निबंधन शुल्क और स्टांप शुल्क के ढांचे को भी अपडेट किया गया है।

    इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य जमीन रजिस्ट्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकना, पारदर्शिता लाना और विकास योजनाओं के लिए किसानों को उनकी जमीन का उचित और बढ़ा हुआ मुआवजा देना है।

    क्या बोले प्रभारी जिला निबंधक पदाधिकारी?

    इस संदर्भ में जानकारी देते प्रभारी जिला निबंधक पदाधिकारी कुणाल गोस्वामी ने जिला गजट का हवाला देते हुए बताया कि सरकार ने अंचलों के शहरी, ग्रामीण और शहरी सीमा से लगे क्षेत्रों के न्यूनतम मूल्यांकन पंजी की दरों में व्यापक संशोधन किया है।

    इसके तहत नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत की जमीन का सरकारी न्यूनतम मूल्य दो गुना तक बढ़ा दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में जमीन के सरकारी रेट में 1.6 गुना तक की बढ़ोतरी की गई है।

    सरकारी रेट बढ़ने से अब जमीन की रजिस्ट्री के समय दी जाने वाली स्टांप ड्यूटी और निबंधन फीस की गणना भी इसी नए बढ़े हुए मूल्य पर होगी।

    अब सुपौल जिले के विभिन्न प्रखंड सहित राघोपुर और गणपतगंज क्षेत्र के मुख्य बाजारों, व्यावसायिक भूखंडों तथा एनएच-27,106 व एसएच के किनारे की जमीनों के सर्किल रेट में भौगोलिक बनावट के आधार पर बड़ा बदलाव दिखेगा।

    नया निबंधन शुल्क और स्टांप ड्यूटी

    बिहार सरकार की नई अधिसूचना के मुताबिक, राज्य में भूमि अथवा संपत्ति के निबंधन के लिए स्टांप शुल्क की सामान्य दर 7 फीसद निर्धारित की गई है। यदि संपत्ति का अंतरण पुरुष से महिला के नाम पर किया जा रहा है, तो 6.6 फीसद स्टांप ड्यूटी देय होगी।

    इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी व्यक्ति या परिस्थिति में जमीन की खरीद पर 7 फीसद स्टांप ड्यूटी लागू होगी। रिश्तेदारों या अन्य के बीच होने वाले दान-पत्र में भी यदि अंतरण पुरुष से महिला को होता है, तो 6.6 फीसद स्टांप शुल्क लगेगा।

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    अन्य सभी सामान्य परिस्थितियों में दान-पत्र पर 7 फीसद स्टांप ड्यूटी निर्धारित की गई है। निबंधन पदाधिकारी ने कहा कि विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार स्टांप ड्यूटी की ये नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

    ई-निबंधन पोर्टल और 10 दिनों का कड़ा नियम

    जमीन संबंधी विवादों और फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने ई-निबंधन पोर्टल को अनिवार्य और बेहद कड़ा बना दिया है। अब रजिस्ट्री से पहले पोर्टल पर जमीन का पूरा ब्योरा जैसे अंचल, मौजा, खाता, खेसरा, चौहद्दी और जमाबंदी धारक का नाम ऑनलाइन दर्ज करना होगा।

    यह आवेदन सीधे संबंधित अंचल अधिकारी के पास जांच के लिए जाएगा। इसके लिए 10 दिनों की सख्त समय सीमा तय की गई है। अंचलाधिकारी को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट या आपत्ति दर्ज करनी होगी।

    अगर इस दौरान कोई आपत्ति नहीं आती है, तो आवेदन सीधे रजिस्ट्री ऑफिस को फॉरवर्ड हो जाएगा और इसकी जानकारी आवेदक को तुरंत एसएमएस के जरिए मिल जाएगी।

    नए नियम से आम लोगों को होने वाले मुख्य लाभ

    निबंधन पदाधिकारी ने बताया कि इस नई व्यवस्था से सीधे तौर पर आम लोगों को कई बड़े लाभ मिलेंगे। अब तक सरकारी मूल्य बाजार दर से काफी कम होने के कारण लोगों को अपनी ही कीमती जमीन पर पर्याप्त बैंक लोन कृषि, बिजनेस या होम लोन मिलने में कठिनाई होती थी।

    सरकारी कीमत बढ़ने से बैंक अब आसानी से अधिक लोन स्वीकृत कर सकेंगे। हाइवे, बाइपास या अन्य सरकारी परियोजनाओं के लिए जब भी भूमि अधिग्रहण होगा, तो रैयतों को नए बढ़े हुए सरकारी रेट के आधार पर कई गुना अधिक मुआवजा मिलेगा।

    इस नए नियम के लागू होने से सरकारी और बाजार दर का अंतर खत्म होने से भू-माफिया द्वारा कम कीमत दिखाकर की जाने वाली टैक्स चोरी रुकेगी।

    अंचलाधिकारी की 10 दिनों की ऑनलाइन जांच से फर्जीवाड़े और दीवानी विवादों में भारी कमी आएगी। आम लोग अपनी जमीन की नई दरों की जानकारी विभाग के भूमि जानकारी पोर्टल पर ऑनलाइन देख सकते हैं।

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