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    'बंगाली दादा' के घर से डिप्टी CM की कुर्सी तक कैसे पहुंचे बिजेंद्र यादव? गांव वालों ने बताई पूरी कहानी

    Updated: Wed, 15 Apr 2026 04:40 PM (IST)

    बिजेंद्र प्रसाद यादव के बिहार के उपमुख्यमंत्री बनने पर सुपौल जिले और उनके पैतृक गांव मुरली में खुशी का माहौल है। लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और जश्न ...और पढ़ें

    HighLights

    1. बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

    2. उनके पैतृक गांव मुरली और सुपौल जिले में खुशी की लहर।

    3. लोगों को क्षेत्र के विकास की नई उम्मीदें जगीं।

    संवाद सूत्र, सरायगढ़ (सुपौल)। सुपौल जिले के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण बन गया, जब सुपौल विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

    जैसे ही यह खबर उनके पैतृक गांव सरायगढ़ भपटियाही प्रखंड के मुरली गांव पहुंची, पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और जश्न का माहौल बन गया।

    वर्षों से राजनीति में सक्रिय रहे बिजेंद्र प्रसाद यादव को नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ शपथ दिलाई गई। जिले के लोगों के लिए यह किसी बड़े सम्मान से कम नहीं है। लंबे समय बाद जिले को राज्य सरकार में इतना बड़ा प्रतिनिधित्व मिला है, जिससे लोगों में उत्साह और गर्व की भावना साफ देखी जा रही है।

    मुरली गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। परिवार के सदस्यों के साथ-साथ गांव के लोग भी इस खुशी के पल को साझा करने पहुंचे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह उनके लिए बेहद गर्व और खुशी का क्षण है।

    उन्होंने कहा कि बिजेंद्र प्रसाद यादव ने अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है।

    गांव के लोगों ने बताया कि उनका राजनीतिक सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत भपटियाही बाजार से की थी, जहां वे एक साधारण घर में रहकर लोगों के बीच अपनी पहचान बना रहे थे।

    बंगाली दादा के साथ रहते थे बिजेंद्र प्रसाद यादव

    इसके बाद वे सरायगढ़ रेलवे स्टेशन के पास पानी टंकी वाले घर में ‘बंगाली दादा’ के साथ रहते थे और लगातार जनसेवा में जुटे रहते थे। धीरे-धीरे उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई और फिर सुपौल जाकर क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय हो गए।

    समय के साथ उनका राजनीतिक कद बढ़ता गया और आज वे राज्य के उपमुख्यमंत्री पद तक पहुंच गए हैं। यह सफर न केवल उनके लिए बल्कि पूरे सुपौल जिले के लिए प्रेरणादायक कहानी बन गया है।

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    मुरली गांव के अधिवक्ता नसीब लाल गुप्ता ने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि गांव का एक साधारण युवक एक दिन बिहार की राजनीति के शिखर तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बिजेंद्र प्रसाद यादव की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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    गांव के मुन्ना पाठक ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस खबर की जानकारी मिली, पूरे गांव में जश्न शुरू हो गया। लोगों ने पटाखे फोड़े, मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी। माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया।

    गांव के बुजुर्ग टुना पंडित ने इसे मुरली गांव के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि आज हर घर में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि यह दिन गांव के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। राजेश राम ने बताया कि गांव में दीपावली जैसा माहौल है।

    उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके उपमुख्यमंत्री बनने से सुपौल जिले के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। लोगों को अब उनसे बड़ी उम्मीदें हैं और वे मानते हैं कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा।

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