सुपौल में ईओयू ने कार्यपालक अभियंता और भाई की गैस एजेंसी पर की सख्त छापेमारी, कार्रवाई जारी
आर्थिक अपराध इकाई ने सुपौल के करजाईन बाजार में कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक और उनके भाई की गैस एजेंसी पर छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत् ...और पढ़ें

एग्जीक्यूटिव इंजिनियर के घर के बाहर मौजूद पदाधिकारी।
HighLights
ईओयू ने सुपौल में की बड़ी छापेमारी।
कार्यपालक अभियंता के आवास व गैस एजेंसी पर कार्रवाई।
आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच जारी।
संवाद सूत्र, जागरण, सुपौल। राघोपुर प्रखंड के करजाईन बाजार में मंगलवार की सुबह आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी छापेमारी की। छापेमारी के तहत करजाईन थाना क्षेत्र के बौराहा वार्ड नंबर 8 निवासी मनोज कुमार रजक के आवास, उनके भाई संजय कुमार रजक द्वारा संचालित इंजीनियर एचपी गैस के बौराहा स्थित गोदाम और संस्कृत निर्मली स्थित गैस कार्यालय शामिल थे।
मनोज कुमार रजक वर्तमान में मधुबनी जिले के जयनगर में नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। अधिकारियों के अनुसार, गत नवंबर में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले की जांच के क्रम में ईओयू की टीम ने मंगलवार तड़के कई गाड़ियों से तीनों ठिकानों पर दस्तावेजों और आर्थिक लेनदेन की जांच शुरू की।
जांच में जुटे अधिकारी ने बताया कि फिलहाल छापेमारी जारी है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। टीम ने संबंधित दस्तावेजों, लेन-देन रसीदों और कंप्यूटर सिस्टम की भी पड़ताल की। इस दौरान स्थानीय लोगों में उत्सुकता और चर्चा का माहौल रहा। लोग छापेमारी के कारण और संभावित परिणामों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाने लगे।
स्थानीय बाजार और आसपास के इलाकों में इस कार्रवाई की चर्चा पूरे दिन रही। लोग जानना चाहते थे कि क्या इसमें अन्य लोगों या व्यवसायों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने फिलहाल कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की है।
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छापेमारी के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस टीम भी तैनात रही। समाचार प्रेषण तक तीनों ठिकानों पर जांच प्रक्रिया जारी थी और आर्थिक अपराध इकाई की टीम पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही थी।
इस कार्रवाई को लेकर व्यापारियों और आम लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली, कुछ लोग इसे कार्रवाई की आवश्यकता मान रहे थे, तो कुछ इसे चर्चा का विषय बना रहे थे।