यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राजद-जदयू गठबंधन में सब ठीक? Lalan Singh के इस्तीफे की खबरों के बीच RJD के पूर्व सांसद ने कर दिया बड़ा दावा
ललन सिंह के जदयू अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की अटकलें तेज हैं। माना जा रहा है कि वह किसी भी वक्त इस्तीफा दे सकते हैं। इस बीच पूर्व सांसद ने राजद-जदयू ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, सुपौल। राष्ट्रीय जनता दल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा की पार्टी बनकर रह गई है। स्थिति है की ए टू जेड का दम भरने वाला राजद कुछ दबंग नेताओं के चक्रव्यूह में फंस चुका है। ऐसे में अति पिछड़ा वर्ग के लोग स्वयं को पार्टी से जोड़ नहीं पा रहे हैं। यह कहना है राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद विश्व मोहन कुमार का। वे मंगलवार को सुपौल स्थित आवास पर प्रेस वार्ता के दौरान बोल रहे थे।
उन्होंने कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र का काफी अभाव है। पार्टी के अंदर कुछ ऐसे नेता हैं जो संगठन को जागीर समझ बैठे हैं। ऐसे लोग किसी अन्य को उभरने नहीं दे रहे हैं। इसका सीधा असर पार्टी के संगठन पर पड़ा है। इसके कारण पार्टी का न सिर्फ संगठन कमजोर हुआ है बल्कि पार्टी मतदाताओं का विश्वास भी खोती जा रही है।

पूर्व सांसद विश्वमोहन कुमार। फोटो- जागरण
'जदयू से जुड़ने के बाद पार्टी की धार कुंद हो गई'
पूर्व सांसद विश्व मोहन कुमार ने कहा कि युवा नेतृत्व की जो छवि लेकर तेजस्वी यादव ने लोगों में एक उम्मीद जगाई थी वह विलुप्त हो चुकी है। खासकर जदयू से जुड़ने के बाद पार्टी की धार कुंद हो गई है। पार्टी संगठन पर कब्जा जमाए नेताओं ने संगठन को गिरवी रख दिया है। परिणाम है कि कार्यकर्ता स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। खासकर सीमांचल में पार्टी की स्थिति काफी दयनीय है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा हुआ है। संगठन में उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
'कार्यकर्ता घुटन महसूस कर रहे हैं'
राजद नेता ने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं। पार्टी में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा उनसे सहन नहीं हो पा रही है। ऐसे में उन्होंने कुछ दिनों के लिए पार्टी की गतिविधियों से अलग रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता और जनता का हित महत्वपूर्ण होता है। राजनेता तो जनता के सेवक होते हैं, लेकिन गठबंधन में कुछ नेताओं ने लोकतंत्र को राजतंत्र के समक्ष लाकर खड़ा कर दिया है।
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विश्व मोहन कुमार ने कहा कि गठबंधन में एक अन्य दल के ऐसे नेता हैं जो पार्टी चला रहे हैं। ऐसी स्थिति में दरबारी के अलावा राजद के लिए यहां कुछ भी करने को नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि जिले में भ्रष्टाचार चरम पर है। आए दिन हो रहे अपराध से आमलोग त्रस्त हैं। बावजूद राजद स्थानीय संगठन को एक अन्य दल के एक नेता के पास गिरवी रख कर कार्यकर्ताओं को अपमानित करने का काम कर रहा है। ऐसे में मुझ जैसे अतिपिछड़ा वर्ग के लोग पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं।