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    सुपौल में कोसी तटबंध का सीपेज पानी बना आफत, कई एकड़ धान की फसल डूबी; अब घरों की ओर बढ़ने लगा पानी

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 12:38 PM (IST)

    सुपौल के गढ़िया गांव में कोसी तटबंध से रिसाव का पानी धान की फसल बर्बाद कर रहा है और अब घरों की ओर बढ़ रहा है। ...और पढ़ें

    सुपौल में कोसी तटबंध का सीपेज पानी बना आफत

    सुपौल में कोसी तटबंध का सीपेज पानी बना आफत

    HighLights

    1. कोसी तटबंध का सीपेज पानी गढ़िया गांव में फैला।

    2. कई एकड़ धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।

    3. ग्रामीणों ने तत्काल जल निकासी और मुआवजे की मांग की।

    संवाद सूत्र, सरायगढ़ (सुपौल)। पूर्वी कोसी तटबंध के पूर्व अवस्थित भपटियाही पंचायत के गढ़िया गांव में सीपेज का पानी लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। गांव के चारों ओर फैले सीपेज के पानी ने जहां कई एकड़ में लगी धान की फसल को बर्बाद कर दिया है, वहीं अब पानी धीरे-धीरे लोगों के घरों और आंगनों की ओर बढ़ने लगा है। इससे ग्रामीणों में चिंता और भय का माहौल बना हुआ है। 

    ग्रामीणों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में सीपेज का पानी गांव और खेतों में फैल जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अधिक गंभीर हो गई है। गांव के आसपास पानी निकासी के रास्ते कई स्थानों पर बंद हो जाने के कारण पानी का जमाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते खेतों में जलनिकासी नहीं हो पा रही है और किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। 

    पानी घरों में प्रवेश कर जाएगा

    गांव के किसान सियाराम यादव, कामता प्रसाद सिंह, रविंद्र यादव, शिवनारायण यादव और बेचन यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सीपेज का पानी अब तेजी से बढ़ रहा है और यदि समय रहते निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो पानी घरों में प्रवेश कर जाएगा। 

    उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से पानी बढ़ रहा है, उससे इस वर्ष खेती करना मुश्किल दिखाई पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि उन्होंने समय पर धान की रोपनी कर दी थी। उन्हें उम्मीद थी कि धीरे-धीरे बढ़ने वाले पानी के बीच धान की फसल विकसित हो जाएगी, लेकिन लगातार एक सप्ताह से अधिक समय तक खेतों में पानी जमा रहने के कारण पौधे पीले पड़ने लगे हैं और फसल नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है। 

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    लागत और मेहनत दोनों बर्बाद 

    किसानों का कहना है कि उनकी लागत और मेहनत दोनों बर्बाद हो गई है। गढ़िया गांव के अलावा कल्याणपुर, पुरानी भपटियाही, सदानंदपुर, बैशा, सिमरी, गोपालपुर, नोनपार, पिपराखुर्द, सरायगढ़, चिकनी, चांदपीपर, अंदौली, बैजनाथपुर, थरिया, थरबिटिया और कदमपुरा सहित कई गांवों में भी सीपेज का पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। 

    ग्रामीणों का मानना है कि तटबंध के किनारे बसे इन गांवों में आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि सीपेज की समस्या के स्थायी समाधान की मांग वर्षों से उठाई जा रही है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन भी दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। 

    सीपेज के पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग

    लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी और स्थायी समाधान की दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो हजारों किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

    ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब सीपेज के पानी की निकासी की व्यवस्था कराने तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके और भविष्य में इस समस्या से स्थायी निजात मिल सके।