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सुपौल में कोसी नदी हर दिन निगल रही जमीन, 30-25 परिवार हुए बेघर; डर के साये में जीने को मजबूर

Published: Thu, 02 Jul 2026 12:16 PM (IST)

सुपौल के किशनपुर प्रखंड अंतर्गत दुबियाही पंचायत के बेला गोठ गांव में कोसी नदी के तेज कटाव से भारी तबाही मची है, जिससे 30-35 परिवार विस्थापित हो चुके हैं।

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HighLights

  1. कोसी कटाव से बेला गोठ गांव में 30-35 परिवार विस्थापित।

  2. लगभग 60 परिवार कटाव की जद में, गांव में दहशत।

  3. ग्रामीण स्थायी कटावरोधी कार्य और पुनर्वास की कर रहे मांग।

संवाद सूत्र, किशनपुर (सुपौल)। प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कोसी तटबंध के अंदर दुबियाही पंचायत के बेला गोठ वार्ड संख्या-6 में कोसी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव से स्थिति दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है।

कोसी की उग्र धारा ने पिछले तीन महीनों में गांव में भारी तबाही मचाई है। कटाव की भयावह स्थिति के कारण अब तक लगभग 30 से 35 परिवार अपने घर तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित हो चुके हैं।

लोगों की वर्षों की मेहनत से बने घर, खेत, पेड़-पौधे और गृहस्थी का सामान नदी की तेज धारा में समा गया है। ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में लगभग 60 परिवारों के घर कोसी के कटाव की जद में हैं। हर दिन नदी कुछ न कुछ जमीन निगल रही है, जिससे गांव में दहशत का माहौल है।

कई परिवार अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं, जबकि कुछ लोग खुले आसमान के नीचे या रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात-दिन कटाव जारी रहने से वे भय के साये में जीवन जी रहे हैं।

महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। सबसे बड़ी समस्या सिर छिपाने की जगह और आजीविका का संकट बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी देने के बावजूद अब तक स्थायी कटावरोधी कार्य शुरू नहीं किया गया है।

यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो पूरा गांव कोसी नदी में समा सकता है। कटाव के कारण कृषि भूमि भी तेजी से नदी में विलीन हो रही है, जिससे किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित परिवार सरकार से तत्काल राहत, सुरक्षित पुनर्वास, मुआवजा और कटावरोधी कार्य की मांग कर रहे हैं।

बीते एक सप्ताह में वार्ड संख्या-6 के राजेश मंडल, राजेंद्र साह, त्रिभुवन साह, फुलेश्वर मंडल, हरेराम मंडल, रामानंद मंडल, नवीन मंडल, श्रीनारायण मंडल, बसंत मंडल, नागोर मंडल, सत्यनारायण मंडल और भगवान मंडल सहित कई परिवार विस्थापित हो चुके हैं।

इसके अलावा देवराज मंडल, देवचंद मंडल, कमल मंडल, परेश मंडल सहित दर्जनों परिवारों पर कटाव का खतरा मंडरा है। कई लोग अपने घरों को तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं, जबकि कुछ परिवार खुले आसमान या रिश्तेदारों के यहां जीवन-यापन करने को मजबूर हैं।

इस संबंध में सीओ सुशीला कुमारी ने बताया कि लोगों के घर कटने की सूचना पर राजस्व कर्मचारी को स्थल जांच के लिए भेजा गया था। कर्मचारी की रिपोर्ट के अनुसार घर कटने के भय से लोग कटाव क्षेत्र से अपने-अपने आशियाने तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।

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