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कोसी के बढ़ते जलस्तर से कटाव तेज, तटबंध के अंदर बसे लोगों में बढ़ी चिंता

Published: Mon, 13 Jul 2026 12:16 AM (IST)

कोसी नदी में जलस्तर बढ़ने से सुपौल के तटबंध के अंदरूनी इलाकों में कटाव तेज हो गया है, जिससे दिघिया, ...और पढ़ें

कटाव हुआ तेज। (जागरण)

कटाव हुआ तेज। (जागरण)

HighLights

  1. कोसी में जलस्तर बढ़ने से कटाव हुआ तेज।

  2. दिघिया, मौजहा सहित कई गांवों पर खतरा।

  3. ग्रामीण घर तोड़कर विस्थापित होने को मजबूर।

संवाद सूत्र, किशनपुर (सुपौल)। कोसी नदी में रविवार को बराज से 1 लाख 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में वृद्धि हो गई है।

इससे तटबंध के अंदर बसे लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है वहीं नदी का कटाव भी तेज हो गया है। इस बार नदी का दबाव पूर्वी दिशा में रहने के कारण दिघिया, दुबियाही, मौजहा, सुजानपुर सहित करीब आधा दर्जन गांवों पर खतरा मंडराने लगा है।

जगह-जगह कटाव शुरू होने से लोगों को अपने घर और जमीन के कटने का डर सताने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटाव इसी तरह बढ़ता रहा तो घर कटने के बाद वे अपने बाल-बच्चों और मवेशियों को लेकर कहां जाएंगे।

उपजाऊ जमीन के कटने से फसल भी बर्बाद होने लगी है। मौजहा गांव निवासी रमेश यादव, सुधीर यादव, पप्पू कुमार, संतोष कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस बार कोसी नदी का दबाव पूर्वी दिशा में रहने के कारण मौजहा, दुबियाही पंचायत सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों पर खतरा बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर से अविलंब कार्रवाई नहीं की गई तो इन गांवों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो सकता है। इधर बेलागोठ गांव में भी कोसी नदी का कटाव जारी है।

विस्थापित होने को मजबूर लोग

कटाव के डर से लोग अपने घरों को तोड़कर विस्थापित होने को मजबूर हैं। बेलागोठ गांव में अब तक करीब 40 परिवार अपने घरों को तोड़कर विस्थापित हो चुके हैं, जबकि तीन दर्जन से अधिक घरों पर खतरा मंडरा रहा है।

प्रशासन द्वारा किए गए पाइलिंग के बावजूद कटाव तेजी से जारी है। आसपास के लोगों का कहना है कि बांस-बल्ले से की गई पाइलिंग से कटाव में कोई कमी नहीं आई है, जिससे वे परेशान हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अन्य जगहों पर लकड़ी और बोरी डालकर पाइलिंग करने से कटाव रुका है, लेकिन यहां बांस से पाइलिंग होने के कारण स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि यदि यहां भी लकड़ी और बोरी डालकर पाइलिंग की जाती तो यह स्थिति नहीं बनती।

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एक सप्ताह पूर्व में ही वहां पाइलिंग का कार्य कराया गया है। अगर फिर भी कटाव नहीं रुका तो हमलोग जांच कराकर उच्चाधिकरी को सूचित करेंगे।

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मो. जियाउल कमर, प्रभारी अंचलाधिकारी

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