बिहार में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, खोले गए सुपौल बराज के 17 फाटक
कोसी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में मानसूनी बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। सुपौल बराज के 17 फाटक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि तटबंध सु ...और पढ़ें

कोसी बराज से छोड़ा गया पानी। फोटो जागरण
HighLights
मानसूनी बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा।
सुपौल बराज के 17 फाटक खोलकर पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा गया।
तटबंध पूरी तरह सुरक्षित, अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए।
संवाद सहयोगी, वीरपुर (सुपौल)। कोसी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण रविवार को कोसी नदी के जलप्रवाह में वृद्धि दर्ज की गई। दोपहर दो बजे तक कोसी बराज पर जलप्रवाह 1,30,760 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया, जबकि बराह क्षेत्र में यह 97,475 क्यूसेक दर्ज किया गया।
कोसी बराज के 56 फाटकों में से 17 फाटक खोलकर पानी डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। वहीं 2,600 क्यूसेक पानी पश्चिमी कोसी नहर में प्रवाहित किया जा रहा है।
मुख्य अभियंता वीरपुर के कार्यालय स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और सभी वरीय अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
एक जून से शुरू घोषित बाढ़ अवधि के 42 वें दिन रविवार सुबह आठ बजे बराह क्षेत्र में जलप्रवाह 94,100 क्यूसेक (बढ़ते क्रम में) तथा कोसी बराज पर 1,25,110 क्यूसेक (स्थिर) दर्ज किया गया।
इस दौरान 2,600 क्यूसेक पानी पश्चिमी नहर में छोड़ा गया और 1,22,510 क्यूसेक पानी डाउन स्ट्रीम में प्रवाहित किया गया। सुबह 10 बजे बराह क्षेत्र में जलप्रवाह बढ़कर 96,150 क्यूसेक तथा कोसी बराज पर 1,30,760 क्यूसेक हो गया।
नहर में 2,600 क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद 1,28,160 क्यूसेक पानी डाउन स्ट्रीम में छोड़ा गया। दोपहर 12 बजे बराह क्षेत्र में जलप्रवाह 99,500 क्यूसेक (बढ़ते क्रम में) और कोसी बराज पर 1,30,760 क्यूसेक (स्थिर) दर्ज किया गया। इसके बाद भी 1,28,160 क्यूसेक पानी डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जाता रहा।
दोपहर दो बजे बराह क्षेत्र में जलप्रवाह घटकर 97,475 क्यूसेक पर आ गया, जबकि कोसी बराज पर जलप्रवाह 1,30,760 क्यूसेक पर स्थिर बना रहा। इस दौरान भी 2,600 क्यूसेक पानी पश्चिमी नहर में छोड़ते हुए 1,28,160 क्यूसेक पानी कोसी बराज के 17 फाटकों के माध्यम से डाउन स्ट्रीम में प्रवाहित किया गया। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में तटबंध सुरक्षित हैं तथा नदी की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।