Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से बढ़ा कोसी का रौद्र रूप, 56 में से 20 फाटक खोले गए; तटबंधों पर 24 घंटे अलर्ट

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 03:22 PM (IST)

    मानसूनी बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके चलते कोसी बराज के 20 फाटक खोले गए हैं। तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा ...और पढ़ें

    HighLights

    1. मानसूनी बारिश से कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा।

    2. कोसी बराज के 56 में से 20 फाटक खोले गए।

    3. तटबंधों पर 24 घंटे कड़ी निगरानी जारी है।

    संवाद सहयोगी, वीरपुर (सुपौल)। कोसी के कैचमेंट एरिया तथा नेपाल की पहाड़ी एवं समतल क्षेत्रों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्त्राव में एक बार फिर वृद्धि दर्ज की गई है। बढ़ते जलस्त्राव को देखते हुए कोसी बराज के 56 फाटकों में से 20 फाटक खोलकर पानी को डाउन स्ट्रीम की ओर छोड़ा जा रहा है।

    सोमवार सुबह छह बजे बराह क्षेत्र में नदी का जलस्त्राव 99,500 क्यूसेक (बढ़ते क्रम में) तथा कोसी बराज पर 1,31,175 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसके बाद सुबह 10 बजे बराह क्षेत्र में जलस्त्राव बढ़कर 1,05,550 क्यूसेक तथा कोसी बराज पर 1,44,875 क्यूसेक हो गया। 

    20 फाटकों से पानी की निकासी लगातार जारी 

    दोपहर 12 बजे बराहक्षेत्र में जलस्त्राव 1,05,550 क्यूसेक पर स्थिर रहा, जबकि कोसी बराज पर यह बढ़कर 1,58,210 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसके बाद दोपहर दो बजे बराहक्षेत्र में जलस्त्राव 1,08,600 क्यूसेक तथा कोसी बराज पर 1,72,435 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया। 

    बढ़ते जलस्त्राव को नियंत्रित करने के लिए बराज के 20 फाटकों से पानी की निकासी लगातार जारी है। विभाग ने जलस्त्राव में और वृद्धि की संभावना जताई है। 

    संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी 

    मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण, वीरपुर, इंजीनियर संजीव शैलेश ने बताया कि बढ़ते जलस्त्राव को सामान्य रूप से नदी की मुख्यधारा के बीचोंबीच प्रवाहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वी एवं पश्चिमी तटबंध सहित सभी बांध पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके बावजूद संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। 

    खबरें और भी

    अभियंताओं एवं विभागीय कर्मियों की टीम पूरे तटबंध क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी और गश्त कर रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।