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    सुपौल में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में पानी फैलने से गांव वालों की बढ़ी टेंशन

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 06:30 AM (IST)

    नेपाल से कोसी बराज से लगभग दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सुपौल के सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड के कई गांवों में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ...और पढ़ें

    ढोली गांव में प्रवेश किया पानी। (सौं. ग्रामीण)

    ढोली गांव में प्रवेश किया पानी। (सौं. ग्रामीण)

    HighLights

    1. कोसी बराज से लगभग दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

    2. सुपौल के कई गांवों के निचले इलाकों में कोसी का पानी फैला।

    3. प्रशासन सतर्क, अधिकारियों ने तटबंधों की सुरक्षा का जायजा लिया।

    संवाद सूत्र, सरायगढ़ (सुपौल)। नेपाल स्थित कोसी बराज से रविवार को लगभग दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने लगा।

    बढ़ते जलस्तर का असर सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में भी देखने को मिला, जहां नदी का पानी निचले इलाकों में फैलने लगा है। पानी पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है और प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार कोसी नदी का पानी बहुअरवा, सियानी, ढोली, झखराही, औरही, पलार, मौरा पलार, शाहपुर समेत आसपास के कई निचले क्षेत्रों में पहुंच गया है।

    पानी के फैलाव के कारण लोगों को आवागमन सहित दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में भी पानी प्रवेश करने लगा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।

    अधिकारियों ने किया निरीक्षण

    इधर, कोसी नदी में बढ़ते डिस्चार्ज को देखते हुए प्रशासनिक एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं।अनुमंडल पदाधिकारी मनोहर कुमार साहू, जल संसाधन विभाग के एसडीओ भारतेंदु पंकज, अंचल अधिकारी राकेश रंजन, जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता महंत किशोर तथा राकेश कुमार ने पूर्वी तटबंध के लौकहा-कोढ़ली गांव के समीप पहुंचकर नदी की स्थिति का निरीक्षण किया।

    अधिकारियों ने तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया तथा संबंधित कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ निगरानी रखने का निर्देश दिया।

    अंचल अधिकारी राकेश रंजन ने बताया कि रविवार शाम चार बजे बजे कोसी नदी का डिस्चार्ज 2 लाख 9 हजार 440 क्यूसेक दर्ज किया गया था और इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही थी।

    प्रशासन द्वारा नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी की गई है।

    अफवाहों पर ध्यान न दें लोग

    उन्होंने कहा कि तटबंधों पर चौकसी बढ़ा दी गई है तथा जल संसाधन विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

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    यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी है।

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