बिहार: नवोदय में छठी कक्षा प्रवेश के नियम बदले, सीमावर्ती जिलों के छात्रों को मिलेगी राहत
नवोदय विद्यालय समिति ने शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा छह में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन शुरू किए हैं, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों के छात्रों को बड़ी ...और पढ़ें

सीमावर्ती जिलों के छात्रों को मिलेगी राहत (AI Generated Image)
HighLights
कक्षा छह प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू।
सीमावर्ती क्षेत्रों के छात्रों को नए नियमों से राहत।
आधार और जाति प्रमाणपत्र ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, सुपौल। जवाहर नवोदय विद्यालय समिति (NVS) ने शैक्षणिक सत्र 2027-28 में कक्षा छह में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार प्रवेश नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत अब छात्र केवल अपने जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय तक सीमित नहीं रहेंगे। यदि कोई विद्यार्थी अपने निवास जिले के नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन करना चाहता है और वह कक्षा पांच की पढ़ाई अपने जिले के किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कर रहा है अथवा अपने जिले की सीमा से 10 किलोमीटर की परिधि के भीतर स्थित पड़ोसी जिले के किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में अध्ययनरत है, तो भी वह आवेदन करने का पात्र होगा।
इस बदलाव से दो जिलों की सीमा पर बसे हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलने की संभावना है। जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। कक्षा छह की चयन परीक्षा 28 नवंबर को आयोजित की जाएगी।
एक ही अवसर मिलेगा, आधार और जाति प्रमाणपत्र अनिवार्य
समिति ने चयन प्रक्रिया में भी सख्ती बरती है। अब प्रत्येक विद्यार्थी को कक्षा छह प्रवेश चयन परीक्षा में केवल एक बार ही शामिल होने का अवसर मिलेगा। पूर्व में किसी भी सत्र में परीक्षा दे चुके अभ्यर्थी दोबारा आवेदन नहीं कर सकेंगे।
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आवेदन के दौरान तथ्य छिपाने या गलत जानकारी देने पर अभ्यर्थी की उम्मीदवारी रद कर दी जाएगी। पहली बार आवेदन प्रक्रिया में आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है।
यदि किसी विद्यार्थी के पास आधार उपलब्ध नहीं है, तो सक्षम पदाधिकारी द्वारा जारी अभिभावकों का निवास प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा।
इसके अलावा अब आवेदन करते समय ही विद्यार्थियों का जाति प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले यह प्रमाणपत्र नामांकन के समय जमा लिया जाता था।