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    बिहार में नया सीएम, फिर भी निशाने पर पीएम; प्रशांत किशोर बोले- नहीं होगा राज्य का भला, युवाओं को रोजगार कब?

    Updated: Tue, 14 Apr 2026 05:51 PM (IST)

    प्रशांत किशोर ने बिहार में नई सरकार के गठन पर प्रतिक्रिया देते हुए युवाओं के रोजगार पलायन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकारें स्थानीय उद्योग और रोज ...और पढ़ें

    ‘सीएम कोई भी बने, पीएम को गुजरात की चिंता’: प्रशांत किशोर का बिहार सरकार पर तंज

    ‘सीएम कोई भी बने, पीएम को गुजरात की चिंता’: प्रशांत किशोर का बिहार सरकार पर तंज

    HighLights

    1. प्रशांत किशोर ने बिहार में नई सरकार पर प्रतिक्रिया दी।

    2. युवाओं के रोजगार पलायन पर सरकार की आलोचना की।

    3. जन सुराज अभियान के तहत जागरूकता पर जोर दिया।

    संवाद सूत्र, प्रतापगंज (सुपौल)। बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नाम सामने आ चुके हैं। सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री होंगे, जबकि विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है। इसी बीच जन सुराज अभियान चला रहे प्रशांत किशोर ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    संगठन विस्तार के दौरान पहुंचे सुपौल

    प्रशांत किशोर बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत संगठन विस्तार के लिए अररिया जा रहे थे। इसी क्रम में वे मंगलवार को सुपौल जिले के सुखानगर पंचायत पहुंचे। उनके आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए। बालेश्वरनगर चौक पर उन्होंने लोगों को संबोधित किया।

    ‘वोट देते समय सोचें बच्चों का भविष्य’

    सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी लोगों से अपील की थी कि वे अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर मतदान करें। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय लोग इन बातों पर ध्यान नहीं देते और बाद में पछताना पड़ता है। उन्होंने दोहराया कि आज भी वे लोगों को यही समझा रहे हैं।

    ‘बिहार के युवाओं को बाहर जाना पड़ रहा’

    प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों, खासकर गुजरात जाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में उद्योग और रोजगार के अवसरों की कमी के कारण युवा मजबूरी में बाहर पलायन कर रहे हैं।

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    ‘स्थानीय रोजगार पर नहीं हो रही चर्चा’

    उन्होंने कहा कि जो भी मुख्यमंत्री बने, उनकी प्राथमिकता बिहार में उद्योग स्थापित करने या युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने की नहीं दिखती। उनके अनुसार, सरकारों का ध्यान इस बात पर अधिक रहता है कि बिहार के मजदूर दूसरे राज्यों में जाकर काम करें।

    प्रधानमंत्री पर भी साधा निशाना

    प्रशांत किशोर ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बिहार के मजदूरों को अन्य राज्यों में भेजने के लिए ट्रेन की सुविधा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग इसे सुविधा मानते हैं, लेकिन असल समस्या यह है कि राज्य में ही रोजगार के अवसर क्यों नहीं बनाए जा रहे हैं।

    ‘बिहार का पैसा, फैक्ट्री बाहर’

    उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार से मिलने वाले वोट और देश के संसाधनों का उपयोग अन्य राज्यों में उद्योग लगाने में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर बिहार के युवाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें कम वेतन पर बाहर काम करना पड़ता है।

    कम मजदूरी में काम करने को मजबूर युवा

    प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के युवा 10 से 12 हजार रुपये की मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने इसे राज्य के विकास की कमी का परिणाम बताया और कहा कि जब तक यहां उद्योग नहीं लगेंगे, स्थिति नहीं बदलेगी।

    अन्य नेताओं ने भी रखी बात

    कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, अनिल कुमार सिंह, चिंतानंद मंडल और सुशील कुमार सिंह उर्फ धरनीधर समेत अन्य नेताओं ने भी लोगों को संबोधित किया। इन नेताओं ने भी राज्य के विकास और रोजगार के मुद्दों को उठाया।

    जन सुराज अभियान पर जोर

    प्रशांत किशोर ने अपने जन सुराज अभियान को आगे बढ़ाते हुए लोगों से जुड़ने और जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक जनता खुद अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर सजग नहीं होगी, तब तक बदलाव संभव नहीं है।

    चुनावी राजनीति पर फिर सवाल

    अपने संबोधन में उन्होंने एक बार फिर चुनावी राजनीति के मौजूदा स्वरूप पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर मतदाता सोच-समझकर निर्णय लें, तो राज्य की दिशा और दशा दोनों बदली जा सकती है।

    आगे भी जारी रहेगा अभियान

    प्रशांत किशोर ने संकेत दिया कि उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और वे लगातार लोगों के बीच जाकर संवाद करते रहेंगे।उन्होंने कहा कि बिहार के विकास और युवाओं के भविष्य को लेकर वे अपनी बात मजबूती से रखते रहेंगे।