दमकल लेट, बस खाक; सुपौल के छातापुर में उग्र भीड़ ने थाना घेरा, मचाया तांडव, पुलिस बेबस
सुपौल के छातापुर बस पड़ाव पर देव ट्रेवल्स की बस में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दमकल की देरी से आक्रोशित भीड़ ने छातापुर थाने पर हमला कर तोड़फोड़ की, ...और पढ़ें
HighLights
छातापुर में बस में अचानक आग लगी।
दमकल की देरी से भीड़ हुई आक्रोशित।
आक्रोशित लोगों ने थाने पर किया हमला।
संवाद सूत्र, छातापुर (सुपौल)। सुपौल मुख्यालय स्थित बस पड़ाव पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब छातापुर से पटना जाने वाली देव ट्रेवल्स की एक बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस धू-धू कर जलने लगी। यह घटना शाम करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके को दहशत और अफरातफरी में डाल दिया।
देखते ही देखते आग ने लिया विकराल रूप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस में आग लगते ही आसपास मौजूद लोगों ने उसे बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयास नाकाफी साबित हुए। आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि दूर से ही धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। धीरे-धीरे बस पूरी तरह आग की चपेट में आ गई और कुछ ही देर में जलकर खाक हो गई।

दमकल की देरी बनी बड़ा कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि छातापुर में दमकल की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका। लगभग 6:20 बजे तक भी दमकल नहीं पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती चली गई। बाद में भीमपुर थाना से दमकल वाहन मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बस पूरी तरह जल चुकी थी।
दमकल पहुंचने पर भीड़ ने जताया आक्रोश
बताया जाता है कि जब दमकल वाहन देर से मौके पर पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने उसे खदेड़ दिया। स्थिति को भांपते हुए दमकल कर्मियों को वाहन लेकर वापस लौटना पड़ा। इस घटना ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
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थाने पर फूटा गुस्सा, सड़क जाम
घटना से नाराज लोगों ने छातापुर थाना पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने एसएच-91 को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इतना ही नहीं, भीड़ ने थाना परिसर के पास लगे पुलिस बोर्ड को तोड़ दिया और वहां खड़ी डायल 112 की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर सड़क पर पलट दिया।
पुलिस भी दिखी असहाय, सीसीटीवी कैमरे तोड़े
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उस समय तक मौके पर कोई वरीय अधिकारी नहीं पहुंचे थे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। उग्र भीड़ के सामने स्थानीय पुलिसकर्मी भी असहाय नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया। कुछ समय के लिए हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गए थे।

स्थानीय प्रतिनिधियों ने संभाली स्थिति
बाद में पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के कुछ जिम्मेदार लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। उन्होंने लोगों को समझाकर शांत कराया और प्रशासन के साथ संवाद स्थापित करने की कोशिश की।
दमकल केंद्र की लंबे समय से मांग
स्थानीय लोगों ने बताया कि छातापुर में दमकल केंद्र की स्थापना की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके लिए कई बार जिलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन भी दिया गया, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर दमकल पहुंचती, तो बस को पूरी तरह जलने से बचाया जा सकता था और बाद में उत्पन्न हुई उग्र स्थिति भी टाली जा सकती थी।
कई थानों की पुलिस पहुंची, हालात पर काबू
घटना के बाद शाम करीब सात बजे कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लेने की कोशिश शुरू की। त्रिवेणीगंज के एसडीपीओ भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस द्वारा इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में दमकल सुविधा की कमी और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।