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    सुपौल में मिड-डे मील खाने से बीमार बच्चों की हालत में सुधार, परिजनों ने ली राहत की सांस

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 11:20 PM (IST)

    सुपौल के मिरजवा मध्य विद्यालय में मध्याह्न भोजन के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने से अफरातफरी मच गई। ...और पढ़ें

    अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज में मची अफरातफरी। (जागरण)

    अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज में मची अफरातफरी। (जागरण)

    HighLights

    1. मिरजवा स्कूल में मध्याह्न भोजन से बच्चों की तबीयत बिगड़ी।

    2. उल्टी, पेट दर्द, घबराहट के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    3. चिकित्सकों के उपचार से बच्चों की हालत में सुधार हुआ।

    संवाद सूत्र, त्रिवेणीगंज (सुपौल)। प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय मिरजवा में बुधवार को मध्याह्न भोजन करने के बाद बड़ी संख्या में बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ने से कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।

    देखते ही देखते एक-एक कर बच्चे उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत करने लगे। यह खबर जैसे ही गांव में फैली, बच्चों के स्वजन बदहवास होकर विद्यालय और फिर अनुमंडलीय अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।

    कुछ ही देर में ऐसा माहौल बन गया कि मानो पूरे गांव की धड़कनें थम गई हों। अपनों की सलामती की चिंता में स्वजन की नींद उड़ गई और हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल था बच्चे कैसे हैं।

    सूचना मिलते ही अनुमंडल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया। अस्पताल परिसर में अधिकारियों की आवाजाही तेज हो गई।

    चिकित्सकों की टीम तत्काल उपचार में जुट गई और एक-एक बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जाने लगी। अस्पताल परिसर में अभिभावकों, ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई बच्चों का हाल जानने को बेचैन था।

    बच्चों की तबीयत में सुधार

    चिकित्सकों ने बिना समय गंवाए बच्चों का उपचार शुरू किया। बीमार बच्चों को स्लाइन चढ़ाई गई, आवश्यक दवाएं दी गईं और लगातार निगरानी में रखा गया। समय बीतने के साथ बच्चों की तबीयत में सुधार होने लगा।

    डॉक्टरों ने जब स्वजन को बताया कि हालत सामान्य है, तब जाकर चिंतित अभिभावकों ने राहत की सांस ली। कुछ देर पहले तक जहां अस्पताल परिसर बच्चों की चीख-पुकार, स्वजन की बेचैनी और चिंता से गूंज रहा था, वहीं धीरे-धीरे माहौल सामान्य होने लगा।

    जिन चेहरों पर चिंता की गहरी लकीरें थीं, वहां राहत की मुस्कान लौट आई। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी राहत की सांसें ली।

    स्वजन का कहना है कि उनके बच्चों की जान जोखिम में कैसे पड़ी, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल सभी बच्चों की हालत सामान्य बताई जा रही है।

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