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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Supaul: कोसी का कहर! सड़कों पर आशियाना ढूंढ रहे बेघर, किशनपुर में सैकड़ों घर नदी में विलीन

    By Rajesh Kumar SinghEdited By: Jagran News Network
    Updated: Fri, 25 Aug 2023 04:54 PM (IST)

    सुपौल में कोसी नदी का कहर जारी है। बीते 14 अगस्त को अचानक आई पानी के बाद से तटबंध के आस-पास बसे गांवों में कटाव तेज हो गया है। इस वजह से अब तक मौजहा प ...और पढ़ें

    बराज पर उफनाती कोसी नदी, कई गांवों में घुसा पानी
    बराज पर उफनाती कोसी नदी, कई गांवों में घुसा पानी

    संवाद सूत्र, किशनपुर(सुपौल): सुपौल में कोसी नदी का कहर जारी है। बीते 14 अगस्त को अचानक आई पानी के बाद से तटबंध के आस-पास बसे गांवों में कटाव तेज हो गया है। इस वजह से अब तक मौजहा पंचायत में करीब 100 से अधिक परिवारों का घर नदी में विलीन हो गया है।

    सभी परिवार अपने आशियाना गंवाने के बाद सही ठिकाना ढूंढने में लगे हुए हैं। मौजहा पंचायत के वार्ड नंबर 8 एवं 15 के दोनों वार्डों के एक-एक टोला नदी में विलीन हो गया है।

    35 परिवार का घर नदी में विलीन

    मुखिया अमर कुमार चौधरी ने बताया कि बीते एक सप्ताह से वार्ड नंबर 8 एवं 15 में लगातार कटाव जारी है। इसके चलते वार्ड नंबर 8 में महतो टोला पूरी तरह से नदी में विलीन हो चुका है। वहीं, वार्ड नंबर 15 में भी कटाव के चलते बगहा टोला में करीब 35 परिवार का घर नदी में विलीन हो चुका है।

    करीब दो दर्जन से अधिक परिवार पंचगछिया गांव के पास तंबू के नीचे अपनी जिंदगी गुजर-बसर कर रहे हैं। लोगों को खान-पान के साथ रहने और सोने में काफी दिक्कतें का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड नंबर 8 के सभी लोग सड़क पर शरण लिए हुए हैं।

    घरों से निकलना हुआ मुश्किल  

    दुबियाही पंचायत के वार्ड नंबर दो और तीन को छोड़कर सभी वार्डों में पानी भरा हुआ है। इसके चलते लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है।

    ग्रामीणों का कहना है कि पानी अधिक भर जाने से फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। हम लोगों के घर-आंगन में बीते 14 अगस्त से पानी भरा हुआ है। हम लोग कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

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    प्रभारी सीओ रविकांत ने बताया कि बाढ़ प्रभावित सभी पंचायत में पूर्व में ही आवश्यकता के अनुसार सुखा राशन, प्लास्टिक एवं विभिन्न जगहों पर शिविर चलाया गया। मौजहा में पीड़ितों के लिए शिविर संचालित हो रहा है आवश्यकता पड़ने पर और भी व्यवस्था किया जाएगा।