Bihar Panchayat Chunav: पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ी, सुपौल में आरक्षण रोस्टर में पारदर्शिता की मांग तेज
सुपौल के छातापुर में आगामी पंचायत चुनाव 2026 के आरक्षण रोस्टर और परिसीमन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है। ...और पढ़ें
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संवाद सूत्र, छातापुर (सुपौल)। आगामी पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण रोस्टर एवं परिसीमन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग तेज होने लगी है।
इसी कड़ी में राजेश्वरी पूर्वी पंचायत के समाजसेवी कृष्णा राज ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को पत्र भेजकर पंचायत चुनाव 2026 के लिए आरक्षण रोस्टर को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू करने की मांग की है।
स्पीड पोस्ट एवं ई-मेल के माध्यम से भेजे गए इस पत्र की प्रतिलिपि पंचायती राज मंत्री, जिला पदाधिकारी, एसडीएम तथा बीडीओ को भी प्रेषित की गई है। पत्र में कहा है कि पंचायत चुनाव को लेकर विभिन्न पंचायतों में आरक्षण की संभावित स्थिति को लेकर लोगों के बीच असमंजस का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग एवं संभावित उम्मीदवार आमजन के बीच भ्रम फैलाते हुए अपने पक्ष में आरक्षण तय कराने के दावे कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में संशय की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज विभाग द्वारा जारी प्रावधानों के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों एवं चक्रीय प्रणाली के आधार पर आरक्षण रोस्टर निर्धारित किया जाना है। ऐसे में किसी भी प्रकार की मनमानी अथवा बाहरी प्रभाव से इतर विभागीय नियमों का अक्षरशः पालन किया जाना आवश्यक है।
मांग की है कि परिसीमन एवं आरक्षण से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएं, ताकि पंचायत चुनाव की निष्पक्षता पर जनता का विश्वास बना रहे तथा किसी प्रकार के विवाद या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी निर्णयों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए नियमसम्मत कार्रवाई ही सर्वोपरि होनी चाहिए।
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