रेल नियमों की उड़ रही धज्जियां : सुपौल रेलवे स्टेशन पर खतरे से खेल रहे यात्री, ओवरब्रिज की बजाय पार कर रहे पटरी
सुपौल रेलवे स्टेशन पर यात्री फुट ओवरब्रिज का उपयोग करने के बजाय पटरियां पार कर रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा है। यह रेलवे नियमों का उल्लंघ ...और पढ़ें

सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए पटरियों का इस्तेमाल।
HighLights
यात्री फुट ओवरब्रिज छोड़कर सीधे रेलवे ट्रैक पार कर रहे।
यह रेलवे नियमों का उल्लंघन और गंभीर सुरक्षा खतरा है।
स्थानीय लोगों ने आरपीएफ से निगरानी बढ़ाने की मांग की।
जागरण संवाददाता, सुपौल। सुपौल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की लापरवाही लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद बड़ी संख्या में यात्री रेलवे ट्रैक पार कर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंच रहे हैं। यह न केवल रेलवे नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
सोमवार सुबह करीब 8:15 बजे स्टेशन परिसर में कई यात्री फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे रेलवे पटरी पार करते नजर आए। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए लोग रेलवे ट्रैक का सहारा लेते दिखे। इस दौरान उन्हें रोकने या समझाने वाला कोई रेलवे कर्मी नजर नहीं आया।
समय बचाने की कोशिश पड़ सकती है भारी
रेलवे स्टेशन पर अक्सर देखा जाता है कि कुछ यात्री समय बचाने या सुविधा के लिए निर्धारित मार्ग का उपयोग नहीं करते हैं। वे सीधे पटरियां पार कर अपने गंतव्य तक पहुंचने का प्रयास करते हैं। हालांकि यह तरीका आसान दिखाई देता है, लेकिन इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार रेलवे ट्रैक पार करना बेहद जोखिम भरा है। अचानक ट्रेन आने, ट्रैक पर फिसलने या ट्रेन की गति का सही अनुमान नहीं लगा पाने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे मामलों में कई बार जान-माल का भारी नुकसान भी होता है।
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सुरक्षा के लिए बनाया गया है फुट ओवरब्रिज
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा विभिन्न प्लेटफॉर्मों को जोड़ने के लिए फुट ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित तरीके से एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना है।
इसके बावजूद कुछ लोग सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर सीधे पटरियां पार कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी जान जोखिम में पड़ती है, बल्कि रेलवे परिचालन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
जागरूकता के बावजूद नहीं बदल रही आदत
रेलवे प्रशासन समय-समय पर यात्रियों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाता है। स्टेशन पर उद्घोषणा के माध्यम से भी पटरियां पार नहीं करने की अपील की जाती है। इसके बावजूद कई यात्री नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल जागरूकता अभियान पर्याप्त नहीं है। यात्रियों में नियमों के प्रति गंभीरता लाने के लिए निगरानी और सख्ती भी जरूरी है।
आरपीएफ की निगरानी बढ़ाने की मांग
स्थानीय लोगों ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे प्रशासन से स्टेशन परिसर में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तो इस प्रवृत्ति पर रोक लग सकती है।
रेलवे अधिकारियों का भी मानना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज का ही उपयोग करना चाहिए और रेलवे ट्रैक पार करने जैसी खतरनाक गतिविधियों से बचना चाहिए।