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    15 साल की नौकरी में करोड़ों का मालिक बन गया बिहार के सब-रजिस्ट्रार, पत्नी के लिए सिलीगुड़ी में खरीदी जमीन

    Updated: Fri, 08 May 2026 02:42 PM (IST)

    अवर निबंधक अमरेंद्र कुमार ने 15 साल की सरकारी सेवा में करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक है। ...और पढ़ें

    15 साल की सरकारी नौकरी में ही करोड़ों के मालिक बन बैठे बिहार के सब-रजिस्ट्रार

    15 साल की सरकारी नौकरी में ही करोड़ों के मालिक बन बैठे बिहार के सब-रजिस्ट्रार

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    जागरण संवाददाता, सुपौल। 15 वर्षों की सरकारी सेवा में ही अवर निबंधक ने अर्जित कर ली करोड़ों की संपत्ति। ईओयू के अनुसार तलाशी में मिली चल-अचल संपत्तियों और दस्तावेजों के आधार पर अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति का आकलन किया गया है।

    एजेंसी ने संकेत दिया है कि दस्तावेजों की गहन जांच के बाद आय से अधिक संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। बताया गया कि अमरेंद्र कुमार वर्ष 2010 बैच के अधिकारी हैं और करीब 15 वर्षों की सरकारी सेवा के दौरान अर्जित संपत्तियां उनकी ज्ञात आय, वेतन और बैंक ऋण से कहीं अधिक पाई गई हैं।

    ईओयू ने मामले की विस्तृत जांच जारी रहने तथा संबंधित विभाग को भी इसकी जानकारी भेजे जाने की बात कही है।

    भ्रष्ट पदाधिकारियों का पसंदीदा शहर बना सिलीगुड़ी

    सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के प्रमुख शहरों में एक है और मौजूदा समय में यह सूबे के भ्रष्ट पदाधिकारियों के लिए पसंदीदा शहर बन गया है। आर्थिक अपराध इकाई की हालिया कार्रवाई से इस बात की कलई खुल गई है कि पदाधिकारी अपनी अवैध कमाई सिलीगुड़ी शहर की जमीन में खपाते हैं।

    सुपौल में पदस्थापित अवर निबंधन पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार के कार्यालय सहित चार ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई की टीम द्वारा छापामारी की गई तो सुपौल स्थित उसके भाड़े के आवास से जमीन के कागजात मिले। लगभग 41.76 डिसमिल जमीन खरीदने के साक्ष्य मिले हैं।

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    स्थानीय मानक के अनुसार यह करीब 25 कट्ठा भूमि बताई जा रही है। दस्तावेजों के अनुसार इस जमीन की खरीद पर लगभग चार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। भूमि खरीद में नकद भुगतान और उसकी बाउंड्री निर्माण में करीब 25 लाख रुपये खर्च किए जाने के प्रमाण भी ईओयू को मिले हैं।

    वैसे भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई के कसते इस शिकंजे से भ्रष्ट अधिकारियों की धड़कने तेज हो गई, लेकिन कई ऐसे हैं, जो अपनी कमाई सिलीगुड़ी जैसे शहर में खपाते हैं।

    कार्यपालक अभियंता की भी सिलीगुड़ी में जमीन

    17 मार्च को जब आर्थिक अपराध इकाई की टीम नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात मनोज कुमार रजक के सात ठिकानों पर एक साथ छापामारी की गई तो 31 जमीन के दस्तावेज बरामद हुए थे।

    इन दस्तावेजों में एक सिलीगुड़ी में कामर्शियल जमीन होने की बात सामने आई थी। मालूम हो कि उक्त कार्यपालक अभियंता के जिन सात ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने छापामारी की थी उनमें सुपौल के निर्मली व करजाईन स्थित ठिकाने शामिल थे।

    किशनगंज के डीएसपी व थानाध्यक्ष के भी जुड़े थे सिलीगुड़ी से तार

    इस साल अप्रैल माह में जब पड़ोसी जिला किशनगंज के नगर थाना के थानाध्यक्ष के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई का डंडा चला तो थानाध्यक्ष के सिलीगुड़ी में जमीन व फ्लैट होने के कागजात होने की बात सामने आई।

    वहीं, किशनगंज के डीएसपी पर जब आर्थिक अपराध की टीम ने जब शिकंजा कसा तो सिलीगुड़ी में उसके महिला मित्र के नाम फ्लैट व जमीन होने की बात सामने आई।

    फिलहाल, दोनों मामले में आर्थिक अपराध इकाई का अनुसंधान जारी है, लेकिन इतना तय है कि अगर आर्थिक अपराध इकाई द्वारा बारीकी से जांच की जाए तो और भी कई भ्रष्ट पदाधिकारियों के सिलीगुड़ी में जमीन व फ्लैट होने की बात सामने आ सकती है।

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