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    सुपौल में धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़, ग्रामीणों के आक्रोश के बाद पुलिस ने संभाली व्यवस्था; हिरासत में 1 संदिग्ध

    Updated: Wed, 10 Jun 2026 07:23 AM (IST)

    सुपौल के लालमनपट्टी गांव स्थित प्राचीन श्री दयालेश्वरनाथ महादेव मंदिर में असामाजिक तत्वों ने शिवलिंग समेत देवी-देवताओं की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर ...और पढ़ें

    मंदिर में जुटी भीड़ और प्रशासन। फोटो जागरण

    मंदिर में जुटी भीड़ और प्रशासन। फोटो जागरण

    HighLights

    1. प्राचीन दयालेश्वरनाथ महादेव मंदिर में तोड़फोड़, शिवलिंग क्षतिग्रस्त।

    2. घटना से श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त।

    3. पुलिस ने संदिग्ध को पकड़ा, ग्रामीण जता रहे साजिश की आशंका।

    संवाद सूत्र, करजाईन बाजार (सुपौल)। रतनपुरा थाना क्षेत्र की सातनपट्टी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 6 स्थित लालमनपट्टी गांव स्थित प्राचीन श्री दयालेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सोमवार की देर रात असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ की गई। मंदिर में स्थापित शिवलिंग सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे क्षेत्र के श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

    घटना की जानकारी मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी वीरपुर नीरज कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वीरपुर सुरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर राजेश कुमार चौधरी घटना स्थल पहुंच कर जायजा लिया तथा आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करते हुए कहा कि घटना की तहकीकात करके कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    सुबह टूटी हुई मिली शिवलिंग

    मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की अल सुबह मंदिर के पुजारी जब नियमित पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे तो देखा कि मंदिर के भीतर तोड़फोड़ की गई है तथा शिवलिंग और अन्य प्रतिमाएं क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में जुट गए।

    ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के आसपास एक संदिग्ध व्यक्ति घूमता हुआ दिखाई दिया। जब लोगों ने उससे पूछताछ की तो उसने अपना नाम और पता बताने से इंकार कर दिया। इसके बाद लोगों ने इसकी सूचना रतनपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।

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    पुलिस हिरासत में संदिग्ध

    पुलिस संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हालांकि मंदिर समिति और ग्रामीणों का कहना है कि उक्त व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं प्रतीत होती है।

    ऐसे में ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि किसी सुनियोजित साजिश के तहत वास्तविक दोषियों द्वारा घटना को अंजाम देकर उस व्यक्ति को घटनास्थल के आसपास छोड़ दिया गया हो। करीब 5 माह पहले भी इस मंदिर में दानपेटी की चोरी हुई थी।

    गिरफ्तारी की मांग

    घटना की जानकारी के बाद बजरंग दल के राष्ट्रीय प्रमुख सुपौल वीरेंद्र कुमार बिमल, पवन कुमार मेहता, मुनमुन सिंह, श्रीप्रसाद साह, चंदन भाई धर्मराज, मुनमुन झा, आलोक कुमार राज, उदय कुमार, कुंदन कुमार कुशवाहा, अरुण कुमार सिंह आदि भी घटना स्थल पर जायजा लेने पहुंचे।

    मंदिर समिति के अध्यक्ष तारानंद झा, विवेकानंद झा, धर्मेंद्र झा, पूर्व मुखिया धर्मेंद्र पासवान, यमुनानंद झा, मुखिया सुरेंद्र पासवान, सरपंच दिनेश राम, उपमुखिया प्रमोद साह, सर्व नारायण यादव, नवीन झा, मृत्युंजय झा एवं अर्जुन कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

    उनका कहना है कि कोसी पूर्वी तटबंध पर मंदिर के आसपास दोनों ओर करीब 1 किमी कि दूरी पर 45वीं वाहिनी एसएसबी के कैंप स्थित हैं तथा रात्रि में नियमित पेट्रोलिंग भी की जाती है। इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना का होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

    लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में रतनपुर थानाध्यक्ष पिंटू कुमार ने बताया कि मंदिर समिति की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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