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    वीरपुर हवाई अड्डा बनेगा बिहार का फ्लाइंग ट्रेनिंग हब, पैराग्लाइडिंग और स्काईड्राइविंग का ले सकेंगे मजा

    Updated: Thu, 09 Apr 2026 05:01 PM (IST)

    बिहार सरकार और एयरो क्लब ऑफ इंडिया के समझौते के तहत वीरपुर हवाई अड्डे को भारत के फ्लाइंग ट्रेनिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरक ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    HighLights

    1. वीरपुर हवाई अड्डे का निरीक्षण, बनेगा फ्लाइंग ट्रेनिंग हब।

    2. साहसिक खेल व पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, नई सुविधाएं।

    3. कुशल पायलट तैयार करना, विमानन खेल बढ़ाना मुख्य उद्देश्य।

    संवाद सूत्र, भीमनगर (सुपौल)। बिहार सरकार और भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन एयरो क्लब ऑफ इंडिया के समझौता के तहत बिहार को भारत के फ्लाइंग ट्रेनिंग हब के रूप में विकसित करने को लेकर गुरुवार को केंद्र और बिहार सरकार की ओर से छह सदस्यीय टीम ने गुरुवार को वीरपुर हवाई अड्डे का निरीक्षण किया।

    जहां इस हवाई अड्डे में प्रशिक्षण के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पावर्ड फ्लाइंग, ग्लाइडिंग, बैलूनिंग, स्काईडाइविंग, पैराग्लाइडिंग, हैंग ग्लाइडिंग और पैरासेलिंग जैसी साहसिक खेल गतिविधियों की भी व्यवस्था की जाएगी।

    लगभग एक घंटे तक किए गए निरीक्षण में एयरो क्लब ऑफ इंडिया के महासचिव अरविंद बड़ोनी, एयरो क्लब ऑफ इंडिया कार्यालय की अमृता, एफटीओ कमीशन के अनिल वासन, बैलूनिंग कमीशन के इमो चाओबा सिंह, ड्रोन कमीशन के वर्ष कुकरेती, पावर हैंग ग्लाइडिंग कमीशन के सुकुमार दास के साथ-साथ एसडीएम नीरज कुमार मौजूद थे।

    6 सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण

    पूछे जाने पर एसडीएम नीरज कुमार ने बताया कि छह सदस्यीय टीम के द्वारा हवाई अड्डे का निरीक्षण किया गया है, निरीक्षण के बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी और तब विमानन खेल के प्रति जागरूकता पैदा करने, विमानन को एक खेल के रूप में बढ़ावा देने और भारत के उभरते नागरिक विमानन इकोसिस्टम के लिए कुशल पायलटों की एक श्रृंखला तैयार करने के उद्देश्य से किया जाएगा।

    Veerpur Airport

    जांच करती टीम।

    स्थापना के बाद से ही उड़ान गतिविधियों की विधि के अनुसार नियंत्रित करने, पायलटों को प्रमाण पत्र जारी करने, रिकॉर्ड को प्रमाणित करने और पूरे भारत में फ्लाइंग क्लब स्थापित करने के लिए एकमात्र प्राधिकरण के रूप में काम किया जा सकता है।

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    इस प्रकार भारत के विमानन प्रशिक्षण और खेल विमानन इकोसिस्टम की संस्थागत नींव रखी जाएगी, उन्होंने बताया कि पैराग्लाइडिंग, हैंग ग्लाइडिंग, पैरासेलिंग, एयरोमाडलिंग, ड्रोन खेल और विमानन क्षेत्र की अन्य खेलों के विभिन्न उभरती हुई शैली इसमें शामिल हैं।