बिहार में 80 साल से अधिक उम्र के लोगों को राहत; अब घर पर मिलेगा राशन, हाजीपुर से शुरुआत
वैशाली में 1 जुलाई 2026 से 80 वर्ष से अधिक आयु के राशन कार्डधारियों को घर पर खाद्यान्न मिलेगा, जिसकी शुरुआत हाजीपुर प्रखंड में पायलट प्रोजेक्ट के तौर ...और पढ़ें

वैशाली की डीएम वर्षा सिंंह। जागरण
HighLights
1 जुलाई 2026 से 80+ कार्डधारियों को घर पर मिलेगा अनाज।
हाजीपुर प्रखंड में पायलट प्रोजेक्ट के तहत होगी योजना की शुरुआत।
वृद्ध एवं असहाय लाभुकों को घर बैठे मिलेगी खाद्यान्न सुविधा।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर। जिला पदाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह ने बताया है कि 1 जुलाई 2026 से 80 वर्ष से अधिक आयु के राशन कार्डधारियों को उनके घर पर ही खाद्यान्न उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार इस पहल का उद्देश्य वृद्ध एवं असहाय लाभुकों को जन वितरण प्रणाली से संबंधित सेवाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाना तथा उन्हें कठिनाइयों से राहत प्रदान करना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रारंभिक चरण में वैशाली जिले के हाजीपुर प्रखंड में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा।
3500 कार्डधारियों को किया गया चिह्नित
हाजीपुर प्रखंड में लगभग 3,500 ऐसे लाभुक चिन्हित किए गए हैं जिनकी आयु 80 वर्ष या उससे अधिक है। इन सभी पात्र लाभुकों को उनके हिस्से का निर्धारित खाद्यान्न उनके आवास पर ही उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत प्राथमिकता परिवार (PHH) एवं अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के पात्र राशन कार्डधारियों को भी शामिल किया जाएगा।
लाभुकों को राशन प्राप्त करने के लिए जन वितरण प्रणाली की दुकान या किसी कार्यालय का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद्यान्न सीधे उनके घर तक पहुंचाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि वृद्धजनों के सम्मान, सुविधा एवं सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह एक महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल है।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी राहत
इससे वरिष्ठ नागरिकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध होगा तथा उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाएं तथा पात्र लाभुकों की सूची का सत्यापन कर वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए।
डीएम ने आशा व्यक्त की कि पायलट प्रोजेक्ट के सफल संचालन से भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार जिले के अन्य प्रखंडों में भी किया जा सकेगा, जिससे अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को इसका लाभ प्राप्त हो सके।