80 नहीं, अब 75+ में ही होम रजिस्ट्रेशन की सुविधा; वैशाली में CM सम्राट चौधरी का बड़ा एलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाजीपुर में बुजुर्गों के लिए होम रजिस्ट्रेशन सुविधा का शुभारंभ किया। पहले 80 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए थी, अब इसे घटाक ...और पढ़ें

हाजीपुर में होम रजिस्ट्रेशन सुविधा का शुभारंभ करते सीएम सम्राट चौधरी, साथ में डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव एवं विजय कुमार चौधरी।
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने होम रजिस्ट्रेशन सुविधा का शुभारंभ किया।
पहले 80 वर्ष की आयु सीमा अब 75 वर्ष हुई।
मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट घर जाकर बुजुर्गों की मदद करेगी।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर। बिहार सरकार ने आम लोगों, खासकर बुजुर्गों के लिए जमीन निबंधन प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित जिला निबंधन कार्यालय से 'सबका सम्मान, जीवन आसान' अभियान के तहत कई डिजिटल और नागरिक सुविधा आधारित योजनाओं का शुभारंभ किया।
इनमें सबसे अहम योजना होम रजिस्ट्रेशन सेवा है, जिसके तहत अब बुजुर्गों को जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए निबंधन कार्यालय नहीं आना पड़ेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
80 नहीं, अब 75 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक योजना में 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को घर पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा देने का प्रावधान था।
हालांकि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के सुझाव पर सरकार ने इसे और व्यापक बनाते हुए 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को इस सुविधा के दायरे में लाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि अब मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट सीधे बुजुर्गों के घर पहुंचेगी और वहीं आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कर जमीन की रजिस्ट्री कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इस सेवा का लाभ लेने वाले पहले बुजुर्ग को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे वरिष्ठ नागरिकों का आशीर्वाद बिहार के विकास के लिए प्रेरणा है।
ईज ऑफ लिविंग को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की इस पावन भूमि वैशाली से शुरू की गई यह पहल राज्य में 'ईज ऑफ लिविंग' को मजबूत करेगी। सरकार का उद्देश्य हर वर्ग तक सरकारी सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि जो लोग किसी कारणवश निबंधन कार्यालय तक नहीं पहुंच सकते, उन्हें अब घर बैठे ही सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
AI और डिजिटल तकनीक से होगा निबंधन
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब निबंधन विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इसके तहत दस्तावेजों की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित होगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 15 जुलाई को राज्य में एक साथ 213 डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार होगा।
पेपरलेस रजिस्ट्री और GIS आधारित सत्यापन शुरू
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था की शुरुआत भी की। अब रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे, जिससे उनके खोने या क्षतिग्रस्त होने की आशंका समाप्त होगी।
इसके साथ ही GIS तकनीक के माध्यम से भूमि का स्थल सत्यापन तथा अंचलाधिकारी (सीओ) द्वारा निबंधन से पहले ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी लागू की गई है।
मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट को दिखाई हरी झंडी
योजनाओं के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री ने मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यही यूनिट अब पात्र बुजुर्गों के घर जाकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करेगी।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार पहुंचे हाजीपुर
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार हाजीपुर पहुंचे। अक्षयवट राय स्टेडियम में एनडीए कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वे जिला निबंधन कार्यालय पहुंचे, जहां विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ किया।
बारिश के बावजूद उमड़ी भीड़, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
सुबह से बारिश होने के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और लोग कार्यक्रम में पहुंचे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पूरे शहर और कार्यक्रम स्थल पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जगह-जगह पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी।
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नई व्यवस्था लागू होने के बाद बुजुर्गों को जमीन की रजिस्ट्री के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही डिजिटल और पेपरलेस व्यवस्था से आम नागरिकों का समय बचेगा और निबंधन प्रक्रिया पहले से अधिक सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।