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    वैशाली के गोपालपुर में गंगा कटाव से डूब सकते हैं एक दर्जन परिवारों के घर, ग्रामीण ने जताई नाराजगी

    Updated: Mon, 18 May 2026 03:17 PM (IST)

    गंगा नदी के तेज कटाव से सोनपुर प्रखंड के गोपालपुर दक्षिण टोला में करीब एक दर्जन परिवारों के घर खतरे में हैं। ग्रामीणों की शिकायत है कि विभागीय रिपोर्ट ...और पढ़ें

    वैशाली के गोपालपुर में गंगा कटाव से डूब सकते हैं एक दर्जन परिवारों के घर

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    संवाद सहयोगी, सोनपुर। गंगा नदी की बढ़ती तेज धारा से सोनपुर प्रखंड के गोपालपुर दक्षिण टोला के लोग सहमे हुए हैं। गंगा नदी का कटाव ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। नदी किनारे बसे करीब एक दर्जन परिवारों का घर कभी भी गंगा में विलीन हो सकता है।

    ग्रामीणों का कहना है कि जमीन पर कटाव साफ दिख रहा है, लेकिन विभागीय रिपोर्ट में स्थिति सामान्य बताकर मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गंगा नदी लगातार किनारे की जमीन काट रही है। धीरे-धीरे कटाव बढ़ने से कई घर अब नदी के बेहद करीब पहुंच गए हैं।

    लोगों का कहना है कि बरसात में जलस्तर बढ़ने के दौरान स्थिति और भयावह हो सकती है। परिवारों को हर समय इस बात का डर सताता रहता है कि कहीं उनका घर भी गंगा में नहीं समा जाए।

    स्थानीय निवासी अवधेश सिंह ने बताया कि कटाव की समस्या को लेकर वह कई वर्षों से प्रशासन और सरकार का ध्यान आकृष्ट करा रहे हैं।

    इस संबंध में जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन विभाग, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, केंद्रीय जल आयोग, मुख्यमंत्री कार्यालय सहित स्थानीय सांसद और अधिकारियों को आवेदन भेजे हैं। बावजूद इसके अब तक इसके स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा सकी है।

    उन्होंने बताया कि उनके पुत्र रणधीर सिंह भारतीय नौसेना में कार्यरत हैं और उनके माध्यम से भी कई स्तरों पर समस्या को उठाया गया, लेकिन गांव के लोगों को केवल आश्वासन ही मिला।

    ग्रामीणों का कहना है कि जब भी कटाव बढ़ता है, विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर कुछ बालू भरे बैग डालकर खानापूर्ति कर देती है। इससे कुछ दिनों तक राहत मिलती है, लेकिन स्थायी सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।

    ग्रामीणों ने आगाह किया है कि यदि जल्द पक्का कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया, तो आने वाले समय में करीब एक दर्जन परिवारों का आशियाना खतरे में पड़ सकता है। लोगों का कहना है कि गंगा की तेज धारा लगातार जमीन को कमजोर कर रही है और स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है।

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    इधर, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग की जांच रिपोर्ट को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है। अभियंता प्रमुख वरुण कुमार को भेजे गए पत्र में जांच के दौरान कहीं भी कटाव नहीं दिखने की बात कही गई है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है।

    इनका कहना है कि अधिकारी कागजों में स्थिति सामान्य बता रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से अविलंब स्थायी कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि गंगा नदी के किनारे बसे परिवारों को सुरक्षित किया जा सके और लोगों के फिर से उजड़ने का खतरा समय रहते टाला जा सके।

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