बरातियों से मारपीट, खाना फेंका, चूल्हा तोड़ा...; फिर घर में मिला पिता का शव, हाजीपुर में खुशियां मातम में बदलीं
हाजीपुर के महनार में एक शादी समारोह में डीजे विवाद के बाद बरातियों पर हमला हुआ, खाना फेंका गया और चूल्हा तोड़ दिया गया। अगले दिन दुल्हन के पिता की संद ...और पढ़ें
HighLights
महनार में डीजे विवाद के बाद बरात पर हमला।
दुल्हन के पिता अशोक कुमार महतो की संदिग्ध मौत।
बेटी ने पिता की हत्या का आरोप लगाया, पुलिस जांच में जुटी।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर। महनार थाना क्षेत्र अंतर्गत जावज गांव में बेटी की शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
दो दिन पहले डीजे बजाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इस विवाद को लेकर स्थानीय लोगों ने बरात एवं लड़की के घर वालों के साथ मारपीट एवं गाड़ी को क्षतिग्रस्त किया था। खाना फेंककर चूल्हा तोड़ दिया।
अगले दिन दुल्हन के पिता अशोक कुमार महतो की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। लड़की ने स्थानीय लोगों पर अपने पिता का हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।
शादी समारोह में घुसकर मचाया उत्पात
पीड़ित परिवार का आरोप है कि शादी समारोह में पहुंचे कुछ बदमाशों ने पहले बरातियों के साथ मारपीट की। इसके बाद बारात की गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए।
शादी के लिए बना खाना फेंक दिया गया और चूल्हा भी तोड़ दिया गया, ताकि गरीब परिवार की खुशियां पूरी तरह रौंद दी जाएं।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
स्वजन का आरोप है कि घटना के दौरान महनार पुलिस और डायल-112 पर लगातार फोन किया गया। पुलिस टीम पहुंची भी, लेकिन तत्काल कार्रवाई के बजाय पहले शादी कर लीजिए,कहकर मामला शांत कराने की कोशिश की।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर उसी रात मारपीट, तोड़फोड़ और घायलों के बयान पर सख्त कार्रवाई होती, आरोपियों को हिरासत में लिया जाता, तो शायद आज पिता की जान नहीं जाती।
पंचायत में दबाव, फिर मिला शव
आरोप है कि अगले दिन गांव के बदमाश ने पंचायत बैठाकर केस नहीं करने का दबाव बनाया। नवविवाहिता बेटी का कहना है कि देर रात फिर पंचायत के नाम पर लोग जुटे और उसके पिता की हत्या कर शव को घर में टांग दिया गया ताकि मामला आत्महत्या लगे।
एक बेटी, जिसकी मेहंदी अभी हाथों से उतरी भी नहीं थी, आज अपने पिता की मौत पर रो रही है। जिस पिता ने गरीबी में भी बेटी की शादी के सपने सजाए, उसी की शव घर में मिली।
अगर उस रात कानून का डंडा चलता, तो शायद आज बेटी के आंसू इतने भारी नहीं होते…" अब जरूरत सिर्फ जांच की नहीं, बल्कि निष्पक्ष और तेज कार्रवाई की है ताकि लोगों का भरोसा कानून और प्रशासन पर बना रहे।
खबरें और भी
प्रथम दृष्टता मामला आत्महत्या का लग रहा है, कर्ज में डूबे होने के कारण आत्महत्या का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी लेने के पश्चात आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।प्रवीण कुमार, एसडीपीओ महनार